नई दिल्ली: अमेरिका की ओर से टैरिफ बढ़ाए जाने की चर्चाओं के बीच जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (JSPL) के चेयरमैन और बीजेपी सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि स्टील क्षेत्र पर पहले से ही ऊंची दरों पर शुल्क लागू रहा है। उनका कहना है कि ऐसे में अमेरिका की ओर से 100 या 200 फीसदी तक टैरिफ लगाए जाने से भारतीय स्टील उद्योग पर असर सीमित रह सकता है।
नवीन जिंदल ने कहा कि स्टील के कई उत्पादों पर अमेरिका में लंबे समय से 200 फीसदी से अधिक शुल्क जैसी व्यवस्थाएं रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जब शुल्क 50 फीसदी था, तब भी भारत से अमेरिका को स्टील का निर्यात नहीं हो रहा था। उनके मुताबिक, भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा है कि भारतीय कंपनियां केवल अमेरिकी बाजार पर निर्भर नहीं हैं।
अमेरिका की नई टैरिफ नीति को लेकर इस समय वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बनी हुई है। हालिया अमेरिकी कानून के तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भविष्य में 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने की संभावना को लेकर भी कारोबार जगत में चर्चा है। हालांकि, इसका वास्तविक असर टैरिफ की दर, किन उत्पादों को इसमें शामिल किया जाता है और इसे कब लागू किया जाता है, इन बातों पर निर्भर करेगा।
जिंदल ने अपने बयान में वैश्विक शांति की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध और संघर्ष दुनिया के लिए नुकसानदायक हैं और इससे किसी भी अर्थव्यवस्था को फायदा नहीं होता। उन्होंने भारत की आत्मनिर्भरता की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी क्षमता मजबूत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत के पास घरेलू स्तर पर पर्याप्त ऊर्जा स्रोत हैं और बिजली की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति मजबूत है। जिंदल के मुताबिक, बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल में भारत अपनी घरेलू क्षमताओं और बड़े बाजार के सहारे आगे बढ़ सकता है।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में फिलहाल टैरिफ और ऊर्जा से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण बने हुए हैं। भारत सरकार भी अमेरिकी टैरिफ के संभावित प्रभावों का अध्ययन कर रही है और दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी है।