रायपुर: देशभक्ति के प्रसिद्ध गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी इस ऐतिहासिक अवसर पर सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित बड़ी संख्या में लोग और विद्यार्थी शामिल हुए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होना देश के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने बताया कि इस विशेष अवसर को पूरे देश में अलग-अलग स्तर पर मनाया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, विद्या भारती के तत्वावधान में देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर सामूहिक वंदे मातरम गायन का आयोजन किया गया, जिसमें एक करोड़ से ज्यादा विद्यार्थियों के शामिल होने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर में भी लोगों ने एक साथ वंदे मातरम का गायन कर इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाया। उन्होंने इसे देश की एकता, राष्ट्रभावना और विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने वाला अवसर बताया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में भी इस अवसर पर बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ और देश के अन्य स्थानों को मिलाकर करीब 1,500 जगहों पर पांच लाख से अधिक बच्चों ने सुबह 11 बजे सामूहिक रूप से वंदे मातरम गीत का गायन किया।
वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों और आम लोगों को इस गीत के ऐतिहासिक महत्व से जोड़ने का प्रयास किया गया। सामूहिक गायन के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी देखने को मिली।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को देश के इतिहास और राष्ट्रीय भावना से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस अवसर को पूरे देश के लिए गौरव और ऐतिहासिक महत्व का दिन बताया।