समस्तीपुर में PM आवास योजना की सूची पर हंगामा, मुखिया पर अपात्रों को लाभ देने का आरोप

समस्तीपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की लाभार्थी सूची को लेकर समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के लाटबसेपुरा पंचायत में विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर तैयार की गई सूची में कथित तौर पर अपात्र लोगों के नाम शामिल किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के मुखिया ने अपने पद का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए अपने परिवार और करीबियों से जुड़े कुछ लोगों के नाम योजना की सूची में शामिल करवाए हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, लाभार्थियों की सूची में ऐसे लोगों के नाम भी दिखाई दे रहे हैं, जिनके पास पहले से पक्के और दो मंजिला मकान मौजूद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और आवासहीन परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि पहले से पक्का मकान रखने वाले लोगों को योजना का लाभ मिलता है, तो वास्तविक जरूरतमंद परिवारों के साथ न्याय नहीं होगा।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पंचायत में कई परिवार ऐसे हैं, जो मजदूरी या छोटे-मोटे काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। कुछ परिवार अभी भी फूस या कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का दावा है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद ऐसे परिवारों के नाम लाभार्थी सूची में शामिल नहीं किए गए हैं।

इस मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और वे लाभार्थी सूची की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्रता के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाना चाहिए, ताकि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके।

ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने, लाभार्थी सूची का दोबारा सत्यापन करने और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

हालांकि, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले में पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

 

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