कुशीनगर, उत्तर प्रदेश। नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए वाल्मीकिनगर बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया है। प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कुशीनगर में SDRF की टीम तैनात कर दी है। साथ ही प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाते हुए बाढ़ से निपटने की तैयारियों को सक्रिय कर दिया गया है।
कुशीनगर के अपर जिलाधिकारी पवन कुमार के मुताबिक, वाल्मीकिनगर बैराज से शनिवार दोपहर करीब 1 बजे 2.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसका प्रभाव कुशीनगर क्षेत्र में करीब पांच घंटे बाद दिखाई देने की संभावना है। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर और संभावित प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।
एडीएम ने बताया कि जिले के 7 गांव ऐसे हैं, जहां 4 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति में पूरी तरह जलमग्न होने का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से एहतियाती कदम उठाए हैं।
बाढ़ की किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए जिले की सभी बाढ़ चौकियों और बाढ़ शिविरों को ऑपरेशनल रखा गया है। SDRF की टीम भी मौके पर तैनात है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें ऊंचे स्थानों पर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार आगे के कदम उठाए जाएंगे।