पटना: 30 सितंबर को प्रस्तावित INDI गठबंधन की बैठक को लेकर बिहार की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विपक्षी गठबंधन की बैठक को लेकर निशाना साधते हुए इसे स्वार्थ पर आधारित गठबंधन बताया है। उन्होंने कहा कि INDI गठबंधन के नेता चाहे जितनी बैठकें करें, इससे NDA की एकजुटता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
संजय सरावगी ने कहा कि NDA पूरी तरह एकजुट है और अपने राजनीतिक एजेंडे के साथ मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक विपक्षी दलों के बीच होने वाली बैठकों से जनता के बीच कोई अलग संदेश नहीं जाने वाला है। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता विपक्षी गठबंधन की राजनीति और उसके उद्देश्यों को समझ रही है।
बीजेपी अध्यक्ष ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि INDI गठबंधन अलग-अलग राजनीतिक दलों के हितों को साधने के लिए साथ आया है। उन्होंने इसे ‘स्वार्थ का गठबंधन’ बताते हुए कहा कि केवल बैठकें करने से राजनीतिक समीकरण नहीं बदलते। उनके अनुसार NDA के घटक दलों के बीच बेहतर समन्वय और एकजुटता बनी हुई है।
30 सितंबर की बैठक पर टिकी नजर
30 सितंबर को होने वाली INDI गठबंधन की बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। विपक्षी दलों की बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति, आपसी समन्वय और दूसरे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में बीजेपी नेताओं की ओर से लगातार विपक्षी गठबंधन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
वहीं, संजय सरावगी के बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर गठबंधन की राजनीति को लेकर बहस तेज हो गई है। एक तरफ विपक्षी दल बैठक के जरिए अपनी रणनीति को मजबूत करने की कोशिश में हैं, तो दूसरी ओर बीजेपी और NDA की ओर से अपनी एकजुटता को प्रमुखता से सामने रखा जा रहा है।
हालांकि, 30 सितंबर की बैठक के बाद INDI गठबंधन की ओर से क्या रणनीति सामने आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। राजनीतिक दलों के बयानों के बीच आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में गठबंधन और सीटों से जुड़े समीकरणों को लेकर गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
नोट: संजय सरावगी द्वारा दिए गए बयान में INDI गठबंधन को लेकर लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक मत हैं।