28 दिन की जगह 30 दिन की वैधता! राघव चड्ढा के मुद्दे का असर

राज्यसभा में कुछ महीने पहले राघव चड्ढा द्वारा उठाया गया प्रीपेड रिचार्ज की वैधता का मुद्दा अब असर दिखाता नजर आ रहा है। उन्होंने मांग उठाई थी कि जिन ग्राहकों को डेटा की जरूरत नहीं है, उन्हें 28 दिन के बजाय पूरे 30 दिन की वैधता दी जाए। मौजूदा 28 दिन की वैधता के कारण ग्राहकों को साल में 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता था।

अब इस दिशा में बदलाव की बात सामने आई है। ऐसे प्रीपेड ग्राहक जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं है, उन्हें वॉयस कॉल और SMS जैसी सेवाओं के साथ 30 दिनों की वैधता मिल सकेगी। इससे साल में रिचार्ज की संख्या घटकर 12 हो जाएगी।

राघव चड्ढा ने इस मुद्दे को आम उपभोक्ताओं से जुड़ा बताते हुए राज्यसभा में उठाया था। उनका कहना था कि 28 दिन की वैधता के कारण ग्राहकों को साल में एक अतिरिक्त रिचार्ज करना पड़ता है। अब नियमों में बदलाव से उपभोक्ताओं को इस अतिरिक्त रिचार्ज से राहत मिलने की उम्मीद है।

इस बदलाव को उपभोक्ता हित से जुड़े उस मुद्दे के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसे राघव चड्ढा ने संसद में उठाया था।

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