INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन पर रंजीत रंजन का बड़ा हमला, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: INDIA ब्लॉक के नेताओं और सांसदों के चुनाव आयोग के सामने विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने चुनाव आयोग के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग किसी एक दल या सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का संवैधानिक संस्थान है और उसे विपक्ष की बात भी उसी गंभीरता से सुननी चाहिए।

रंजीत रंजन के मुताबिक, विपक्ष के नेता और करीब 300 सांसद चुनाव आयोग से मिलने के लिए आगे बढ़ रहे थे। उनका कहना था कि इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग से मिलने की कोशिश पहले जैसी सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती थी, लेकिन जिस तरह से इसे लेकर स्थिति बनी, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

‘चुनाव आयोग सबकी बात सुने’

कांग्रेस सांसद ने कहा कि विपक्ष लगातार चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े कई सवालों के जवाब मांग रहा है। उनका आरोप है कि इन सवालों का सीधा जवाब चुनाव आयोग की ओर से आने के बजाय सरकार की ओर से प्रतिक्रिया दी जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्ष चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांग रहा है तो जवाब भी चुनाव आयोग को ही देना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष का उद्देश्य किसी तरह का हंगामा करना नहीं था। उनके अनुसार, यदि 300 सांसदों के एक साथ अंदर आने की जगह नहीं थी तो चुनाव आयोग की ओर से उन्हें सीमित प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलने की अनुमति दी जा सकती थी या फिर बाहर बातचीत की जा सकती थी।

चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के सवाल

रंजीत रंजन ने अपने बयान में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि आयोग के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, तो उसे विपक्ष के सवालों का सामना करने में संकोच नहीं होना चाहिए।

हालांकि, विपक्ष की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर चुनाव आयोग और सरकार का पक्ष अलग हो सकता है। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दावों और आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित आधिकारिक जवाब और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर चुनाव आयोग की भूमिका, विपक्ष के सवालों और चुनावी पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।

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