बाराबंकी: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय को बाराबंकी के टोल प्लाजा के पास पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह गोंडा के कर्नलगंज में दिवंगत बर्तन कारोबारी विनोद साहनी के परिवार से मिलने के लिए जा रहे थे। कांग्रेस के मुताबिक, अजय राय का उद्देश्य पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त करना और उन्हें न्याय की लड़ाई में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाना था।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि किसी पीड़ित परिवार से मिलना और उसकी परेशानी को समझना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं को पीड़ित परिवारों तक पहुंचने से रोकना जनता की आवाज को दबाने जैसा है।
कांग्रेस की ओर से कहा गया कि विनोद साहनी के परिवार को मुश्किल समय में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई है।
अजय राय की हिरासत की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी देखने को मिली। पार्टी ने कहा कि विपक्ष का काम जनता और पीड़ितों की समस्याओं को सामने रखना है। ऐसे में यदि किसी नेता को पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जाता है, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को प्राथमिकता देगी। पार्टी का कहना है कि कानून के दायरे में रहते हुए पीड़ितों के साथ खड़ा रहना उसकी जिम्मेदारी है।
बाराबंकी में हुई इस कार्रवाई के बाद अब राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस ने कहा है कि न्याय की मांग को लेकर उसका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा और पीड़ित परिवार की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।