झांसी: रेलवे के एक अधिकारी को कथित तौर पर AI तकनीक के जरिए तैयार की गई आपत्तिजनक तस्वीरों के माध्यम से ब्लैकमेल करने के मामले में पुलिस ने मरीना लाजरस उर्फ मरीना जेस्सी (27) को गिरफ्तार किया है। अदालत में पेश किए जाने के बाद आरोपी महिला को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, मामले से जुड़ी कुछ तस्वीरों को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया गया है। इन तस्वीरों की अब फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि तस्वीरें किस तरह तैयार की गईं और उनमें किसी प्रकार की डिजिटल छेड़छाड़ या AI तकनीक का इस्तेमाल हुआ है या नहीं।
मामले में नया मोड़ तब आया जब रेलवे अधिकारी जितेंद्र कुमार शर्मा की पत्नी अंकिता भारद्वाज शुक्रवार को नवाबाद थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि उनके पति और परिवार को कथित तौर पर AI से तैयार तस्वीरों के जरिए परेशान और ब्लैकमेल किया जा रहा था।
शिकायत के मुताबिक, तस्वीरों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया गया और परिवार से कथित तौर पर 15 लाख रुपये की मांग की गई। हालांकि, मामले में लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस अब मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। तस्वीरों की तकनीकी जांच के साथ-साथ यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि कथित तौर पर तस्वीरें किस डिवाइस या डिजिटल माध्यम से तैयार की गईं और उन्हें संबंधित लोगों तक कैसे पहुंचाया गया।
AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच इस तरह के मामलों ने डिजिटल सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी व्यक्ति की तस्वीर में डिजिटल तरीके से बदलाव कर उसका गलत इस्तेमाल गंभीर समस्या बन सकता है।
फिलहाल आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस की जांच तथा फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।