रायबरेली, उत्तर प्रदेश। रायबरेली में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा में शामिल होने पहुंचे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने धार्मिक आयोजनों और प्रदेश की पिछली सरकारों को लेकर कई राजनीतिक टिप्पणियां कीं। कथा कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह के धार्मिक आयोजनों का आयोजन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में संभव हो पा रहा है।
केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस समय कांवड़ यात्रा और राम भक्तों से जुड़े मामलों में सरकार का रवैया अलग था। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन सरकार के दौरान शिव भक्त कांवड़ियों पर लाठीचार्ज किया गया और उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई हुई। इसके साथ ही उन्होंने राम भक्तों पर गोली चलाने का आरोप भी लगाया।
उपमुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि रामलला का भव्य मंदिर अब बनकर तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि अयोध्या के बाद काशी और मथुरा से जुड़े धार्मिक स्थलों को लेकर भी न्याय की लड़ाई जारी है।
मौर्य ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि आने वाले समय में काशी में भगवान भोलेनाथ का मंदिर और मथुरा में भगवान कन्हैया का मंदिर भी बनेगा। हालांकि, काशी और मथुरा से जुड़े धार्मिक स्थलों के मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी बहस का हिस्सा रहे हैं।
रायबरेली में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। धार्मिक आयोजन के बीच उपमुख्यमंत्री के बयान ने प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर अयोध्या, काशी और मथुरा से जुड़े मुद्दों को चर्चा में ला दिया है।
केशव प्रसाद मौर्य के बयान में भाजपा सरकार की नीतियों और पिछली सपा सरकार के कार्यकाल की तुलना देखने को मिली। वहीं, उनके काशी और मथुरा को लेकर दिए गए बयान को आगामी राजनीतिक विमर्श के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।