पटना में SC-ST कल्याण पदाधिकारियों का विरोध, 7 सूत्रीय मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर जताया आक्रोश

पटना: बिहार में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग से जुड़े प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध का रास्ता अपनाया है। शुक्रवार को पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में पदाधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया और अपनी मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।

प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों का कहना है कि विभागीय स्तर पर काम करने के दौरान उन्हें कई तरह की बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि आवश्यक सुविधाओं और संसाधनों की कमी के कारण सरकारी योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने में कठिनाई आती है। ऐसे में अधिकारियों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के सामने सात सूत्रीय मांगें रखी हैं।

संघ से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, उनकी मांगों में कार्यस्थल पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने, कामकाज को सुचारु बनाने के लिए पर्याप्त संसाधन देने और अधिकारियों से जुड़ी अन्य विभागीय समस्याओं का समाधान करने की मांग शामिल है। उनका कहना है कि वे लगातार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन कई स्तरों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से कार्य प्रभावित होता है।

काली पट्टी बांधकर किया गया विरोध फिलहाल सांकेतिक बताया जा रहा है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से जल्द सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।

संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर विचार नहीं होने की स्थिति में पदाधिकारी सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय ले सकते हैं। इससे विभागीय कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ने की संभावना है।

अब देखना होगा कि सरकार और विभाग की ओर से इन मांगों को लेकर क्या कदम उठाया जाता है। फिलहाल पदाधिकारियों के विरोध ने विभागीय स्तर पर उनकी समस्याओं और कार्य परिस्थितियों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

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