दरभंगा। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने फरक्का संधि को लेकर बड़ा बयान दिया है। दरभंगा में आयोजित कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बिहार के हितों को तय किए बिना फरक्का संधि का नवीनीकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि 1996 में हुए समझौते के बाद पिछले 30 वर्षों में बिहार के हितों के साथ अन्याय हुआ है।
संजय झा ने कहा कि यदि फरक्का संधि को आगे बढ़ाया जाता है, तो उससे पहले बिहार के हिस्से में आने वाले पानी की मात्रा और राज्य की भविष्य की जरूरत स्पष्ट रूप से निर्धारित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पानी आने वाले समय में सबसे महत्वपूर्ण संसाधनों में से एक होगा और बिहार के हितों की अनदेखी कर कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि जदयू इस मुद्दे को लेकर पूरे बिहार में जनजागरूकता अभियान चला रही है। शुरुआत गंगा किनारे बसे 12 जिलों से की जा रही है, जिसके बाद अभियान को पूरे प्रदेश में विस्तार देने की बात कही गई है। संजय झा ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर फरक्का संधि और बिहार के जलहित से जुड़े मुद्दों की जानकारी देंगे।
इससे पहले दरभंगा पहुंचने पर संजय कुमार झा का जदयू कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। जिला अतिथि गृह में आयोजित कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। कई स्थानों पर जेसीबी के जरिए फूलों की बारिश कर उनका अभिनंदन किया गया। बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने भी उन्हें फूल-माला, अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और मखाना भेंट कर स्वागत किया।
कार्यकर्ता संवाद के दौरान संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने को लेकर चर्चा हुई। कार्यक्रम में मंत्री मदन सहनी, जदयू जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मंडल सहित पार्टी के कई नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। पार्टी के अनुसार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।