नागांव, असम। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर देश में जारी राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य द्वारा ज्ञानेश कुमार के समर्थन में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गोगोई ने भाजपा पर तीखा निशाना साधा।
गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि भाजपा ज्ञानेश कुमार को इतना समर्थन दे रही है कि भविष्य में उन्हें राष्ट्रपति पद तक पहुंचाने की बात भी कर सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा विवाद में ज्ञानेश कुमार ने भाजपा को राजनीतिक रूप से राहत पहुंचाई है। गोगोई ने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग के भीतर मौजूद कुछ अधिकारियों ने CEC के फैसलों और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि जिन महत्वपूर्ण मुद्दों पर आयोग में सामूहिक और बहुमत के आधार पर निर्णय होना चाहिए, वहां एकतरफा तरीके से फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सामूहिक निर्णय लेने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए।
गोगोई ने अपने बयान में भाजपा के ‘IT सेल’ का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा के IT सेल की चर्चा होती थी, लेकिन अब ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग में भी एक ‘IT सेल’ बन गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब यही व्यवस्था तय करेगी कि 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाला कोई नागरिक मतदाता सूची में शामिल होगा या नहीं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। इसी बीच पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने CEC ज्ञानेश कुमार का बचाव करते हुए उन्हें कम से कम पद्म भूषण दिए जाने की बात कही थी।
वहीं, विपक्षी दल SIR और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। चुनाव आयोग ने दूसरी ओर कहा है कि SIR से जुड़े फैसले आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं। ऐसे में ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।