लाडली बहना योजना पर जीतू पटवारी का BJP पर हमला, बोले- 3 हजार के वादे के बदले 1500 रुपये क्यों?

लाडली बहना योजना भोपाल: मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने योजना के तहत महिलाओं को दी जा रही आर्थिक सहायता और चुनाव के दौरान किए गए वादों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं से 3,000 रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन उन्हें 1,500 रुपये ही दिए जा रहे हैं। पटवारी ने इसे महिलाओं के साथ वादाखिलाफी बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है।

3,000 रुपये के वादे को लेकर उठाए सवाल

जीतू पटवारी ने भोपाल में अपने बयान के दौरान कहा कि लाडली बहना योजना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये देने की बात कही गई थी, तो फिर आर्थिक सहायता की राशि 1,500 रुपये तक ही क्यों सीमित है?

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश में करोड़ों महिलाएं इस योजना से जुड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से किए गए वादों और मौजूदा स्थिति के बीच अंतर है। हालांकि, उनके इन आरोपों पर सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।

पोर्टल को लेकर भी सरकार पर साधा निशाना

पटवारी ने योजना के पोर्टल को लेकर सामने आ रही अलग-अलग जानकारियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक मंत्री पोर्टल चालू होने की बात करते हैं, जबकि दूसरे मंत्री के बयान से पोर्टल बंद रहने की स्थिति का संकेत मिलता है।

कांग्रेस नेता के मुताबिक, इस तरह की असमंजस की स्थिति से महिलाओं के बीच भ्रम पैदा हो सकता है। उन्होंने सरकार से योजना से जुड़ी जानकारी स्पष्ट करने और लाभार्थियों को स्थिति के बारे में सही जानकारी देने की मांग की।

2028 में महिलाएं देंगी जवाब: पटवारी

जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस लगातार लाडली बहना योजना और महिलाओं से किए गए वादों का मुद्दा उठाती रही है। उन्होंने भाजपा सरकार पर महिलाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया और दावा किया कि वर्ष 2028 में महिलाएं इसका जवाब देंगी।

फिलहाल, लाडली बहना योजना को लेकर कांग्रेस के आरोपों ने मध्य प्रदेश की राजनीति में महिला लाभार्थियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता और चुनावी वादों के क्रियान्वयन पर बहस को फिर तेज कर दिया है। योजना की राशि बढ़ाने, पोर्टल की स्थिति और सरकार के रुख को लेकर आगे की जानकारी पर सभी की नजर रहेगी।

नोट: इस खबर में जीतू पटवारी के बयान और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को प्रस्तुत किया गया है। आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

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