नई दिल्ली: भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के इस आमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।
विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों के बीच होने वाला यह वार्षिक शिखर सम्मेलन भारत-रूस संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच होगा। सम्मेलन की तारीख अभी तय नहीं हुई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, शिखर सम्मेलन की तिथियों को दोनों देशों के राजनयिक चैनलों के माध्यम से आपसी सुविधा और सहमति के आधार पर अंतिम रूप दिया जाएगा।
भारत और रूस के बीच लंबे समय से रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, तकनीक और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में व्यापक संबंध रहे हैं। ऐसे में वार्षिक शिखर सम्मेलन को दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच सीधी बातचीत के महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखा जाता है। बैठक के दौरान द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े मौजूदा मुद्दों के साथ-साथ भविष्य की साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच नियमित उच्चस्तरीय संपर्क भारत-रूस संबंधों की निरंतरता को दर्शाता है। दोनों देश बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय हालात के बीच अपने पारंपरिक संबंधों को बनाए रखने और सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर देते रहे हैं।
फिलहाल 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तारीख को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। राजनयिक स्तर पर बातचीत पूरी होने के बाद कार्यक्रम की तारीख और अन्य विवरण सार्वजनिक किए जा सकते हैं।