पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के दौरान उनके विचारों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की उनकी सोच को याद किया गया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मनाई जा रही है। भारतीय जनसंघ के प्रमुख विचारकों में शामिल रहे दीनदयाल उपाध्याय ने समाज और राष्ट्र के विकास को लेकर कई विचार प्रस्तुत किए थे। उनका ‘एकात्म मानववाद’ का दर्शन भारतीय राजनीतिक और सामाजिक चिंतन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर उन्हें याद करते हुए श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन सादगी, सेवा और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा है। उनके विचारों में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण और उसे विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया था।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के योगदान को याद किया और उनके बताए सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। जयंती के अवसर पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की ओर से भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती हर वर्ष 25 सितंबर को मनाई जाती है। उनके विचारों में आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के समग्र विकास की अवधारणा को प्रमुखता दी गई थी। यही वजह है कि उनकी जयंती पर देश के अलग-अलग हिस्सों में उनके जीवन और विचारों पर चर्चा की जाती है।
पटना में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करना इसी स्मरण कार्यक्रम का हिस्सा रहा। इस दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सार्वजनिक जीवन और उनके विचारों को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।