नागोया, जापान: आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला MMA खिलाड़ी सुचिका तारियाल ने ट्रेडिशनल MMA के 60 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। हालांकि, सेमीफाइनल मुकाबले में सिंगापुर की हुन टेओ से मिली हार के बाद सुचिका ने मुकाबले के फैसले पर असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने फाइनल में पहुंचने के लिए पूरी कोशिश की, लेकिन कुछ परिस्थितियां उनके पक्ष में नहीं रहीं।
सुचिका ने मुकाबले के बाद कहा कि वह इस पदक का रंग बदलना चाहती थीं और इसके लिए उन्होंने अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन किया। उनके मुताबिक, अगर कहीं कोई कमी रही तो वह उसे स्वीकार करती हैं, लेकिन मुकाबले का फैसला उन्हें उचित नहीं लगा। उन्होंने दावा किया कि मुकाबले के दौरान उनका प्रदर्शन मजबूत था और उन्हें लगा कि वह दोनों राउंड में बेहतर स्थिति में थीं।
भारतीय खिलाड़ी ने वजन से जुड़े नियम को लेकर भी अपनी बात रखी। सुचिका के अनुसार, MMA में वजन सीमा से जुड़ा नियम महत्वपूर्ण है और अधिक वजन होने की स्थिति में खिलाड़ी को नुकसान हो सकता है। हालांकि, उनका कहना था कि मुकाबले की वास्तविक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
सुचिका ने दावा किया कि उन्होंने मुकाबले के दौरान कई प्रभावी टेकडाउन किए, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी उन्हें टेकडाउन नहीं कर पाईं। उन्होंने यह भी कहा कि मुकाबले को देखने वाले कई लोगों ने उनके प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें बताया कि वह अच्छा खेल रही थीं।
सुचिका का कहना है कि उन्हें इस बात से आपत्ति है कि मुकाबले के नतीजे में वजन को निर्णायक आधार बनाया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि खेल के दौरान उनका प्रदर्शन जीत के करीब था, लेकिन अंतिम फैसला उनके पक्ष में नहीं आया।
ब्रॉन्ज मेडल के साथ एशियन गेम्स में अपना अभियान खत्म करने वाली सुचिका ने हालांकि पदक को लेकर संतोष भी जताया। उनके बयान से साफ है कि वह इस उपलब्धि के बावजूद सेमीफाइनल के फैसले से निराश हैं और भविष्य में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने पर ध्यान देना चाहती हैं।