नई दिल्ली/पटना: सोमवार, 21 सितंबर 2026 को विधानमंडल की कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन के साथ हुई। सदन में आधिकारिक तौर पर बजाई गई रिकॉर्डिंग दो अंतरों के बाद समाप्त हो गई। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने आगे बढ़कर ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण सामूहिक रूप से गाया।
कार्यवाही शुरू होने के समय सदन का माहौल औपचारिक और गंभीर रहा। आधिकारिक रिकॉर्डिंग के दो अंतरे पूरे होने के बाद जब गीत समाप्त हुआ, तब BJP के कई विधायक अपनी जगह पर खड़े रहे और उन्होंने शेष पंक्तियों का गायन जारी रखा। इस दौरान सदन में मौजूद अन्य सदस्यों का भी ध्यान इस घटनाक्रम की ओर गया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब ‘वंदे मातरम्’ को लेकर देश में इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर लगातार चर्चा होती रही है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में इस गीत ने लोगों के बीच राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज भी विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसके निर्धारित अंशों का गायन किया जाता है।
सोमवार को सदन में हुआ यह घटनाक्रम खास तौर पर इसलिए चर्चा में आया क्योंकि आधिकारिक रूप से बजाई गई रिकॉर्डिंग दो अंतरों के बाद समाप्त हो गई, जबकि BJP विधायकों ने पूरा गीत गाने का फैसला किया। विधायकों द्वारा पूरा संस्करण गाए जाने के बाद सदन की निर्धारित कार्यवाही आगे बढ़ी।
विधानसभा और विधान परिषद जैसे संवैधानिक संस्थानों में किसी भी राष्ट्रगीत या राष्ट्रीय महत्व से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत किया जाता है। ऐसे में सोमवार की घटना ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के दौरान अपनाई जाने वाली व्यवस्था और ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण को लेकर चर्चा को एक बार फिर सामने ला दिया है।
घटना से जुड़ा वीडियो और सदन की कार्यवाही के दौरान मौजूद सदस्यों की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन सकती है। हालांकि, आधिकारिक रिकॉर्डिंग के दो अंतरों पर समाप्त होने और BJP विधायकों द्वारा उसके बाद पूरा गीत गाए जाने की घटना सोमवार की कार्यवाही का प्रमुख उल्लेखनीय हिस्सा रही।