मुजफ्फरपुर में परीक्षा देने जा रही दो छात्राओं पर ब्लेड से हमला, आरोपी की तलाश तेज

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में परीक्षा केंद्र की ओर साइकिल से जा रही दो छात्राओं पर एक बाइक सवार युवक द्वारा ब्लेड से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद दोनों छात्राओं को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी बाइक सवार की तलाश की जा रही है। एसडीपीओ-1 सुचित्रा कुमारी के मुताबिक, घटना में घायल दोनों छात्राएं कमालपुर बिठरौल की रहने वाली हैं। बताया गया कि दोनों छात्राएं साइकिल से स्कूल जा रही थीं। इसी दौरान एक पुरुष बाइक सवार ने कथित तौर पर उन पर ब्लेड से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से छात्राएं घबरा गईं और आसपास के लोगों ने उनकी मदद की। पुलिस अधिकारी के अनुसार, एक छात्रा के हाथ पर चोट लगी है, जबकि दूसरी छात्रा के कंधे पर चोट आई है। दोनों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया। फिलहाल दोनों की स्थिति स्थिर बताई गई है। घटना के बाद सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ या molestation की बात भी सामने आने लगी थी। हालांकि, पुलिस ने ऐसी खबरों को गलत और भ्रामक बताया है। एसडीपीओ-1 सुचित्रा कुमारी ने स्पष्ट किया कि छात्राओं ने पुलिस को ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं दी है। पुलिस अब पूरे मामले को अलग-अलग पहलुओं से देख रही है। घटना के पीछे आरोपी की मंशा क्या थी और उसने छात्राओं को ही क्यों निशाना बनाया, इसे लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस टीम आरोपी बाइक सवार की पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी है। इस घटना ने परीक्षा के लिए घर से निकली छात्राओं और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। परिजनों के लिए सबसे बड़ी राहत फिलहाल यही है कि दोनों छात्राओं की हालत स्थिर है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध जानकारी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पटना में सौर जागरूकता अभियान की शुरुआत, सीएम सम्राट चौधरी ने लोगों से सौर ऊर्जा अपनाने की अपील

पटना: बिहार में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम लोगों को घरों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में सरकार ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत इस सौर जागरूकता अभियान की शुरुआत की। अभियान का उद्देश्य लोगों को योजना की सुविधाओं, आवेदन प्रक्रिया और सौर ऊर्जा के फायदे के बारे में जानकारी देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा आने वाले समय की महत्वपूर्ण जरूरत है। घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली की जरूरत का एक हिस्सा पूरा किया जा सकता है। इससे बिजली के खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा परिवार इस योजना से जुड़ें और इसका लाभ उठाएं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसके तहत पात्र परिवारों को अपने घरों की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। योजना का उद्देश्य घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाना और बिजली पर होने वाले खर्च का बोझ कम करना है। बिहार में शुरू किए गए जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। आम लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि सोलर सिस्टम लगाने के बाद बिजली की जरूरत को किस तरह पूरा किया जा सकता है और योजना के तहत मिलने वाली सहायता का लाभ कैसे लिया जा सकता है। सरकार का मानना है कि बिहार में सौर ऊर्जा की संभावनाएं काफी अधिक हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में घरों की छतों का इस्तेमाल रूफटॉप सोलर के लिए किया जा सकता है। इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल सकती है। सौर जागरूकता अभियान के जरिए लोगों तक योजना की जानकारी पहुंचाने और अधिक से अधिक परिवारों को इससे जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले समय में इस पहल को राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा सकता है।

दिल्ली एयरपोर्ट सुरक्षा चूक पर सख्त हुआ मंत्रालय, एयर इंडिया कर्मचारी निलंबित

नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा और इमिग्रेशन प्रक्रिया में सामने आई चूक को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में एयर इंडिया के एक कर्मचारी को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही यात्रियों के घरेलू से अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर की प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त जांच के इंतजाम किए जा रहे हैं। यह मामला सितंबर की शुरुआत का है। रिपोर्टों के मुताबिक, तीन इतालवी नागरिक अमृतसर से एयर इंडिया की उड़ान के जरिए दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें दिल्ली से म्यूनिख जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़नी थी। आरोप है कि यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर जरूरी डिपार्चर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए बिना ही आगे की उड़ान पकड़ ली। मामला सामने आने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया से जवाब मांगा था। मंत्रालय ने यात्रियों के ट्रांसफर, बोर्डिंग पास की जांच और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। इस घटना को एयरपोर्ट पर तय सुरक्षा और संचालन प्रक्रियाओं के पालन के संदर्भ में गंभीरता से देखा जा रहा है। अब मंत्रालय की ओर से ट्रांसफर प्वाइंट पर अतिरिक्त जांच की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की आगे की यात्रा किस प्रकार की है, इसकी पुष्टि करने के साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिन यात्रियों के लिए इमिग्रेशन अनिवार्य है, वे किसी भी स्थिति में इस प्रक्रिया को बायपास न कर सकें। इस घटना ने एयरपोर्ट पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बीच सही पहचान, बोर्डिंग पास की जांच और ट्रांसफर प्रक्रिया के दौरान निगरानी की अहमियत को फिर सामने ला दिया है। मंत्रालय का जोर अब ऐसी चूक की पुनरावृत्ति रोकने और संबंधित प्रक्रियाओं को अधिक स्पष्ट एवं सुरक्षित बनाने पर है। अधिकारियों की ओर से यह भी देखा जा रहा है कि एयरलाइन स्टाफ और एयरपोर्ट पर तैनात संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय किस तरह बेहतर किया जाए, ताकि यात्रियों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा और इमिग्रेशन नियमों का पूरी तरह पालन हो सके।

दिल्ली में निर्माण श्रमिकों के लिए नई पहल, काम की जगह पर ही होगा पंजीकरण

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने भवन निर्माण से जुड़े श्रमिकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए एक नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘नमो श्रमिक सेवा केंद्र मोबाइल वैन’ का उद्घाटन किया। सरकार के अनुसार, इस सेवा का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों तक पंजीकरण की सुविधा सीधे पहुंचाना है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह सेवा पूरी तरह जनता को समर्पित है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐसे श्रमिक निर्माण कार्यों से जुड़े हैं, जिन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है। इसके लिए उनका पंजीकरण जरूरी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण नहीं हो पाने के कारण वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाते थे। उन्होंने कहा कि सरकार अब इस समस्या को दूर करने के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को श्रमिकों के करीब ले जा रही है। सरकार की योजना के तहत दिल्ली के अलग-अलग जिलों में मोबाइल वैन उपलब्ध कराई जाएगी। ये वैन उन इलाकों में पहुंचेंगी जहां बड़ी संख्या में भवन निर्माण श्रमिक काम करते हैं। मौके पर ही श्रमिकों के पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे श्रमिकों को अपने काम से समय निकालकर सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत कम होगी। मोबाइल वैन के जरिए श्रमिकों को पंजीकरण से जुड़ी जानकारी देने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने पर भी जोर दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि पंजीकरण बढ़ने से अधिक निर्माण श्रमिक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के दायरे में आ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस पहल को श्रमिकों तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक कदम बताया। अब मोबाइल वैन अलग-अलग निर्माण स्थलों और श्रमिकों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में जाकर पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने का काम करेंगी। सरकार का लक्ष्य है कि भवन निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले अधिक से अधिक श्रमिकों को औपचारिक रूप से पंजीकृत किया जाए, ताकि वे पात्रता के अनुसार उपलब्ध सरकारी सहायता और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।

रक्तदान को जनसेवा से जोड़ते हुए मंत्री निशांत कुमार ने की अपील, बोले- एक यूनिट रक्त बचा सकता है किसी की जिंदगी

पटना: बिहार सरकार के मंत्री निशांत कुमार ने लोगों से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उनके मुताबिक, समाज में लोगों को निस्वार्थ भाव से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि रक्तदान को समाज सेवा और जनसेवा के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव सेवा को ईश्वर की सेवा के समान माना जाता है और किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में योगदान देना इससे बेहतर सेवा का माध्यम हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ और सक्षम लोगों को आगे बढ़कर रक्तदान करना चाहिए। कई बार दुर्घटना, गंभीर बीमारी, ऑपरेशन या अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल रक्त की जरूरत पड़ती है। ऐसे समय में उपलब्ध रक्त किसी मरीज के इलाज में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निशांत कुमार ने कहा कि रक्तदान करने वाला व्यक्ति किसी ऐसे इंसान की मदद करता है, जिसे वह शायद जानता तक नहीं है। यही निस्वार्थ सेवा समाज में आपसी सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि लोगों को रक्तदान को लेकर फैली अनावश्यक झिझक और भ्रम को दूर करने की जरूरत है। जागरूकता बढ़ने से अधिक लोग स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आ सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से इस सामाजिक अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया। मंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति का एक रक्तदान जरूरत के समय दूसरे इंसान के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इसलिए लोगों को अपनी क्षमता और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि रक्तदान का उद्देश्य किसी एक व्यक्ति या परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में जीवन बचाने और मानवता की भावना को मजबूत करने वाला कार्य है। उन्होंने सभी लोगों से निस्वार्थ भाव से रक्तदान करने की अपील की।

IIT Bombay छात्र की मौत पर सुधींद्र कुलकर्णी ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

मुंबई/दिल्ली: IIT Bombay के पूर्व छात्र और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता एवं स्तंभकार सुधींद्र कुलकर्णी ने IIT Bombay के एक छात्र की आत्महत्या की घटना पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि परिवार और छात्र समुदाय के सामने वास्तविक तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके। कुलकर्णी ने कहा कि IIT Bombay के पूर्व छात्र होने के नाते यह घटना उनके लिए विशेष रूप से पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि इस समय छात्र के माता-पिता किस मानसिक स्थिति से गुजर रहे होंगे, इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। उनके मुताबिक, परिवार और छात्रों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग उठाई जा रही है और समाज के सभी लोगों को भी इस मांग का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों पर पढ़ाई के साथ-साथ भविष्य को लेकर भी लगातार दबाव बढ़ रहा है। उनके अनुसार, IIT समेत देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्र अकादमिक और गैर-अकादमिक कारणों से मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। कुलकर्णी ने कहा कि इस समस्या का समाधान केवल कॉलेज प्रशासन या कैंपस समुदाय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज को इस पर विचार करना होगा। कुलकर्णी ने रोजगार की कमी और शुरुआती स्तर पर कम वेतन को भी युवाओं की चिंता से जोड़ते हुए कहा कि भविष्य को लेकर असुरक्षा छात्रों के तनाव का एक बड़ा कारण हो सकती है। उन्होंने परिवार और समाज से युवाओं के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने और उनकी परेशानियों को समझने की अपील की। बयान के एक अन्य हिस्से में उन्होंने IIT Bombay के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ SC/ST Act के तहत हुई कार्रवाई पर सवाल उठाए। कुलकर्णी ने दावा किया कि मामले में अब तक प्रोफेसर के खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है और उन्होंने इसे अनुचित बताया। उन्होंने SC/ST Act के कथित दुरुपयोग पर व्यापक चर्चा और कानून में आवश्यक संशोधन की मांग भी रखी। हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों और जांच से जुड़े तथ्यों का अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

भारत अब खपत नहीं, निवेश के लिए ले रहा कर्ज: निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली: ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) के 53वें नेशनल मैनेजमेंट कन्वेंशन को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की आर्थिक प्रगति और बुनियादी ढांचे में हो रहे बदलावों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में अब एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। भारत मुख्य रूप से खर्च या खपत को बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि निवेश को गति देने के लिए कर्ज ले रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बदलाव भारत जैसे उभरते देशों के लिए महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, सरकार की प्राथमिकता पूंजी निर्माण और ऐसी परियोजनाओं पर खर्च बढ़ाने की है, जिनसे आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार को मजबूती मिल सके। सीतारमण ने बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रमुख बंदरगाहों पर औसत टर्नअराउंड टाइम पिछले एक दशक में लगभग आधा हुआ है। वहीं, देश का रेल नेटवर्क लगभग पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुका है। माल ढुलाई के क्षेत्र में भी रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया गया है और फ्रेट लोडिंग करीब 1,670 मिलियन टन तक पहुंच गई है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर वित्त मंत्री ने बताया कि अगस्त 2026 में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से प्रतिदिन औसतन करीब 79 करोड़ लेनदेन हुए। उन्होंने इसे देश में डिजिटल सेवाओं के तेजी से विस्तार का संकेत बताया। वित्त मंत्री के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार का पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक किया गया है। राज्यों को पूंजीगत संपत्तियां बनाने के लिए दिए जाने वाले अनुदानों को शामिल करने पर प्रभावी पूंजीगत व्यय 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाता है। सीतारमण ने कहा कि प्रभावी पूंजीगत व्यय का यह स्तर केंद्र के पूरे राजकोषीय घाटे के लगभग बराबर है। उनके मुताबिक, सरकारी खर्च में निवेश का बढ़ता हिस्सा भारत की अर्थव्यवस्था में हो रहे व्यापक बदलाव को दर्शाता है।

SIR पर Karti Chidambaram का बड़ा हमला, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने SIR की प्रक्रिया की तुलना अमेरिका में नस्लीय अलगाव के दौर में लागू रहे Jim Crow Laws से की। कार्ति चिदंबरम का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक समावेशी बनाने के बजाय कथित तौर पर कुछ वास्तविक मतदाताओं को बाहर करने की दिशा में जा सकती है। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की मौजूदा कवायद का असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के वास्तविक निवासी और पात्र मतदाता हैं। उनके मुताबिक, चुनावी प्रक्रिया का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अवसर सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने SIR की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। कार्ति चिदंबरम ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के समय में आयोग के फैसलों और चुनावी कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की कार्यशैली को भी निशाने पर लेते हुए इसे संवैधानिक पद की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं बताया। हालांकि, निर्वाचन आयोग SIR को मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करने की प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत करता है। आयोग के दस्तावेजों के अनुसार, इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना और अपात्र या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाकर मतदाता सूची की गुणवत्ता बेहतर करना है। आयोग ने यह भी कहा है कि पात्र मतदाता को सूची से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। SIR को लेकर विपक्षी दलों और निर्वाचन आयोग के बीच राजनीतिक बहस लगातार जारी है। एक तरफ विपक्ष प्रक्रिया में संभावित बहिष्करण और मताधिकार से जुड़े सवाल उठा रहा है, वहीं आयोग मतदाता सूची के सत्यापन और शुद्धिकरण को चुनावी प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा बता रहा है। ऐसे में SIR को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक और कानूनी स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना है।

युद्ध अभ्यास 2026: भारतीय-अमेरिकी सैनिकों ने जाना भारत का सांस्कृतिक वैभव

बीकानेर/उत्तराखंड: भारत और अमेरिका के बीच जारी संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ में सैन्य प्रशिक्षण के साथ दोनों देशों के जवानों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को करीब से जानने का अवसर भी मिला। इसी क्रम में भारतीय और अमेरिकी सेना के जवानों ने राजस्थान के बीकानेर स्थित ऐतिहासिक जूनागढ़ किले और उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ मंदिर का दौरा किया। जवानों की इन यात्राओं का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करना नहीं था, बल्कि भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं और सभ्यतागत विरासत से परिचित कराना भी था। बीकानेर के जूनागढ़ किले में सैनिकों ने राजस्थान के शाही इतिहास, भव्य स्थापत्य कला और वहां की सैन्य परंपराओं की झलक देखी। किले की वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व ने विदेशी सैनिकों को भारत के राजसी अतीत के बारे में समझने का अवसर दिया। इसके बाद उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में स्थित बद्रीनाथ मंदिर की यात्रा ने इस सांस्कृतिक अनुभव को एक अलग आयाम दिया। यहां सैनिकों ने भारत की आध्यात्मिक परंपराओं और सदियों पुरानी धार्मिक विरासत के बारे में जानकारी हासिल की। हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता के बीच स्थित यह धार्मिक स्थल भारत की आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। युद्ध अभ्यास 2026 के दौरान आयोजित इन सांस्कृतिक गतिविधियों ने सैन्य प्रशिक्षण से आगे बढ़कर दोनों देशों के सैनिकों के बीच आपसी संवाद और समझ को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया। साथ समय बिताने और भारत की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विरासत को साझा रूप से देखने से दोनों सेनाओं के जवानों के बीच परिचय और आपसी सम्मान को बढ़ावा मिला। भारत और अमेरिका के बीच होने वाला यह संयुक्त सैन्य अभ्यास दोनों सेनाओं को विभिन्न परिस्थितियों में साथ काम करने, अनुभव साझा करने और आपसी समन्वय बढ़ाने का अवसर देता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण ने इस सैन्य साझेदारी में मानवीय और सांस्कृतिक जुड़ाव का एक अतिरिक्त पहलू जोड़ा है।

जमुई की घटना पर लवली आनंद का बयान, कहा- दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाए

सीतामढ़ी, बिहार। जमुई में सामने आई घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में जनता दल यूनाइटेड (JDU) की सांसद लवली आनंद ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है तथा मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। सीतामढ़ी में मीडिया से बातचीत के दौरान लवली आनंद ने कहा कि घटना को लेकर सरकार गंभीर है और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से कराकर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। JDU सांसद ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए और प्रशासन को मामले में पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। लवली आनंद ने यह भी कहा कि सरकार इस मामले को हल्के में नहीं लेगी। उन्होंने बताया कि वह इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के सामने भी उठाएंगी और उनसे दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करने की मांग करेंगी। सांसद ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और जो भी व्यक्ति इस घटना के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लवली आनंद ने घटना को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसी भी अपराध में दोषी व्यक्ति को बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले में तेजी से कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। फिलहाल, जमुई मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई जारी है। घटना से जुड़े तथ्यों और जांच की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।