भारतीय महिला क्रिकेट टीम के गोल्ड पर PT उषा ने जताई खुशी, कहा- अभी शुरुआत है, आगे और पदक आएंगे

नागोया, जापान: भारतीय महिला क्रिकेट टीम के शानदार प्रदर्शन और गोल्ड मेडल जीतने पर भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि भारतीय दल ने प्रतियोगिता में अच्छी शुरुआत की है और आने वाले दिनों में देश के खाते में और भी स्वर्ण पदक जुड़ने की उम्मीद है। पीटी उषा ने कहा कि प्रतियोगिता के शुरुआती दो दिनों में भारतीय निशानेबाजों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, उनके मुताबिक कुछ मुकाबलों में भारत स्वर्ण पदक जीत सकता था और वहां थोड़ी निराशा जरूर हुई। इसके बावजूद उन्होंने भारतीय शूटर्स पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे आगे निश्चित तौर पर गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब होंगे। महिला क्रिकेट टीम की जीत को लेकर पीटी उषा ने खास उत्साह जाहिर किया। उन्होंने बताया कि जापान में इस प्रतियोगिता के आयोजन से जुड़ी समन्वय समिति का हिस्सा रहते हुए उन्होंने पुरुष और महिला क्रिकेट दोनों को प्रतियोगिता में शामिल करने की व्यक्तिगत तौर पर मांग की थी। उनका कहना था कि वह चाहती थीं कि भारतीय क्रिकेट टीमें यहां हिस्सा लें और पदक जीतें। महिला टीम के गोल्ड मेडल जीतने के बाद पीटी उषा ने कहा कि वह इस उपलब्धि को देखकर बेहद खुश हैं। उन्होंने इसे भारतीय दल के लिए उत्साह बढ़ाने वाली शुरुआत बताया। उन्होंने यह भी बताया कि MMA में भारत ने कांस्य पदक हासिल किया है। उनके अनुसार भारतीय खिलाड़ी ने अच्छा प्रदर्शन किया, हालांकि तकनीकी आधार पर मुकाबला हारने के कारण उसे कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। पीटी उषा ने भारतीय खिलाड़ियों और समर्थकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता अभी शुरू हुई है और खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत आने वाले मुकाबलों में और स्वर्ण पदक हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल शुरुआत को लेकर वह संतुष्ट और खुश हैं, लेकिन पदकों के लिए जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। भारतीय दल से आगे भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद बनी हुई है।
उबर ड्राइवर ने महिला को हाईवे पर उतारा, हादसे में मौत; कंपनी को 380 करोड़ रुपये देने का आदेश

एक महिला को कथित तौर पर हाईवे के बीच उतारना उबर के लिए बेहद महंगा साबित हुआ। महिला के वाहन से उतरने के बाद सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उबर से करीब 380 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद कैब सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला ने उबर कैब के जरिए यात्रा की थी। यात्रा के दौरान किसी कारण से ड्राइवर और महिला के बीच विवाद या असहमति की स्थिति बनी। इसके बाद ड्राइवर ने महिला को हाईवे पर ही वाहन से उतार दिया। बताया गया कि महिला सड़क पर अकेली रह गई और इसी दौरान एक वाहन की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद महिला के परिवार की ओर से कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। मामले में यह सवाल उठाया गया कि क्या ड्राइवर द्वारा यात्री को सुरक्षित स्थान के बजाय हाईवे पर उतारना उचित था और क्या कंपनी की ओर से ड्राइवर की जिम्मेदारी तय करने तथा यात्री सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किया। इसके बाद उबर को महिला के परिवार को करीब 380 करोड़ रुपये की राशि देने का आदेश दिया गया। यह राशि मुआवजे के तौर पर निर्धारित की गई है। इस घटना ने ऐप आधारित कैब सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस को फिर तेज कर दिया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी यात्री को असुरक्षित स्थान पर उतारना गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है। खासकर हाईवे जैसे स्थानों पर, जहां तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। फिलहाल इस मामले में अदालत के आदेश को लेकर उबर की ओर से किसी संभावित अपील या आगे की कानूनी प्रक्रिया की जानकारी सामने आना बाकी है। घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि कैब कंपनियों को यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्राइवरों की जवाबदेही और आपातकालीन व्यवस्था को कितना मजबूत बनाना चाहिए।
जमुई की घटना पर प्रियंका गांधी ने उठाए महिला सुरक्षा के सवाल, सरकारों से ठोस कदम उठाने की मांग

कलपेट्टा (केरल): बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित उत्पीड़न और अभद्रता के मामले को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने चिंता जताई है। उन्होंने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारों से गंभीरता से विचार करने और महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की जरूरत बताई। जमुई की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने इसे बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध चिंता का विषय हैं और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकारों की प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रियंका गांधी के मुताबिक, अगर महिलाएं सड़कों पर खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकतीं तो विकास से जुड़ी बड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों के साथ-साथ सुरक्षा के बुनियादी सवालों पर भी ध्यान देना जरूरी है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल किसी एक राज्य या सरकार से जुड़ा विषय नहीं है। केंद्र और राज्य सरकारों को इस दिशा में मिलकर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसा माहौल बनाया जाना चाहिए, जहां महिलाएं बिना डर के घर से बाहर निकल सकें और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित महसूस करें। दरअसल, बिहार के जमुई में एक नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित मारपीट, अभद्रता और उत्पीड़न का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। आरोपियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। इस मामले का राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है और पुलिस प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। घटना के बाद महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। प्रियंका गांधी के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर महिला सुरक्षा की व्यापक बहस से जुड़ गया है। उन्होंने सरकारों से इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने और महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जमुई घटना: मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल, पैर में लगी गोली

जमुई: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव की पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई। इस दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे घायल अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के मुताबिक, जमुई में छात्रा और उसके नाबालिग सहपाठी के साथ कथित दुर्व्यवहार का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर अब तक कई आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, इसी कार्रवाई के दौरान नंदन यादव की तलाश में टीम पहुंची थी। पुलिस की ओर से बताया गया है कि कार्रवाई के दौरान आरोपियों की तरफ से फायरिंग की गई, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी। एक अन्य आरोपी हरेराम के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, घटना से जुड़े कई लोगों की पहचान की जा चुकी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वायरल वीडियो के आधार पर भी आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। वहीं, पुलिस ने लोगों से मामले से जुड़े वीडियो या पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं करने की अपील की है। जमुई पुलिस ने पीड़िता की निजता बनाए रखने को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स को भी चेतावनी दी है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया पर योगी का हमला, बोले- बिना फॉर्म भरे लोगों को मिलते थे नियुक्ति पत्र

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में सरकारी भर्तियों की पुरानी व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार होता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में ऐसे लोगों तक भी नियुक्ति पत्र पहुंच जाते थे, जिन्होंने संबंधित भर्ती के लिए आवेदन तक नहीं किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश को लेकर देश-दुनिया में अलग तरह की धारणा बनी हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को संदेह की नजर से देखा जाता था और ‘UP’ का नाम आते ही लोग अलग-अलग सवाल उठाते थे। योगी ने कहा कि आज परिस्थितियों में बदलाव आया है और जिन लोगों की ओर से पहले उत्तर प्रदेश को लेकर सवाल उठाए जाते थे, वे अब दूसरों को व्यवस्था और प्रशासन को लेकर सीख देते नजर आते हैं। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उस समय परीक्षा किसी और ने दी और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे व्यक्ति को मिल गया। इतना ही नहीं, उनके मुताबिक कुछ मामलों में ऐसे अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए, जिन्होंने परीक्षा के लिए आवेदन तक नहीं किया था। मुख्यमंत्री ने इस पूरी स्थिति को अव्यवस्था और भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए इसे भर्ती व्यवस्था के लिए गंभीर समस्या बताया। यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लगातार सरकारी नियुक्तियों पर जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार के मुताबिक, हाल के दिनों में विभिन्न भर्ती आयोगों के जरिए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। 19 सितंबर को UPPSC और UPSSSC के जरिए चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। वहीं, 22 सितंबर को UP Education Service Selection Commission से चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने का कार्यक्रम निर्धारित था, जिसमें प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, PGT और TGT पद शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने पर जोर दिया और कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर रोजगार के अवसर मिलना जरूरी है।
बिजनौर में मस्जिद के नीचे कुआं होने का दावा, जांच के लिए पहुंची टीम

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक मस्जिद के नीचे पुराने कुएं के होने के दावे को लेकर मामला सामने आया है। बनखला इलाके में किए गए इस दावे के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (SP) को पत्र देकर मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। संगठन से जुड़े लोगों का दावा है कि जिस स्थान पर वर्तमान में मस्जिद बनी हुई है, वहां पहले एक कुआं मौजूद था। उनका कहना है कि पुराने समय में आसपास के ग्रामीण इस कुएं से पानी निकालकर इस्तेमाल किया करते थे। आरोप है कि बाद में इसी स्थान पर मस्जिद का निर्माण कराया गया और कुएं के ऊपर ही शौचालय भी बना दिया गया। हालांकि, कुएं के अस्तित्व और मस्जिद के निर्माण से जुड़े इन दावों की अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति क्या है, यह पुलिस की जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा। मामले की शिकायत मिलने के बाद बिजनौर पुलिस अधीक्षक ने जांच के लिए एक टीम को मौके पर भेजा है। टीम स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाने के साथ-साथ स्थल की स्थिति और संबंधित तथ्यों की पड़ताल कर रही है। पुलिस की जांच रिपोर्ट के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मस्जिद के नीचे कुआं होने का दावा कितना सही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल भी तैनात किया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और प्रशासन की नजर पूरे मामले पर बनी हुई है। स्थानीय लोगों से भी शांति बनाए रखने और किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े तथ्यों की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
UAE में PhonePe का बड़ा विस्तार, UPI के बाद Aani पर फोकस

दुबई: भारत के डिजिटल पेमेंट सेक्टर की प्रमुख कंपनी PhonePe अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अपनी सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी की योजना केवल भारतीय पर्यटकों या UAE जाने वाले भारतीय यूजर्स तक सीमित रहने की नहीं है, बल्कि वहां रहने वाली अलग-अलग श्रेणियों की आबादी तक डिजिटल पेमेंट और वित्तीय सेवाएं पहुंचाने की है। PhonePe के CEO और Executive Director, International Payments, रितेश पाई ने UAE में कंपनी की योजनाओं को लेकर कहा कि फिलहाल UAE में PhonePe का इस्तेमाल करने वाले भारतीय ग्राहक उसके मौजूदा India UPI ऐप यूजर बेस का हिस्सा हैं। इस व्यवस्था के तहत कंपनी NPCI के साथ मिलकर काम करती है और भारतीय यूजर्स को UPI आधारित भुगतान की सुविधा मिलती है। हालांकि, कंपनी अब UAE में अपने स्वयं के लाइसेंस के जरिए स्थानीय बाजार में व्यापक स्तर पर काम करने की तैयारी कर रही है। रितेश पाई के मुताबिक PhonePe UAE के Central Bank के इकोसिस्टम का हिस्सा बन चुका है और लाइसेंस व्यवस्था के तहत सीधे सदस्य के रूप में काम कर रहा है। इसका मतलब है कि कंपनी UAE में अपने विभिन्न प्रोडक्ट और वित्तीय समाधान स्थानीय आबादी तक पहुंचा सकती है। PhonePe की योजना UAE में रहने वाले व्हाइट-कॉलर से लेकर ब्लू-कॉलर कर्मचारियों तक अलग-अलग वर्गों को ध्यान में रखकर सेवाएं विकसित करने की है। इनमें पे-रोल प्रोसेसिंग, रिइम्बर्समेंट कार्ड और डिजिटल वॉलेट जैसे समाधान शामिल हो सकते हैं। कंपनी की एक बड़ी योजना UAE के Aani पेमेंट इकोसिस्टम के साथ अपने डिजिटल पेमेंट अनुभव को जोड़ने की भी है। PhonePe का लक्ष्य भारत में UPI के जरिए मिले अनुभव और सफलता से सीख लेकर UAE के स्थानीय डिजिटल पेमेंट सिस्टम में भी उपयोगी समाधान तैयार करना है। इस विस्तार के जरिए PhonePe UAE में भारतीय ग्राहकों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रहने और काम करने वाली बड़ी आबादी के लिए डिजिटल वित्तीय सेवाओं का दायरा बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। कंपनी का फोकस भुगतान से आगे बढ़कर रोजमर्रा की वित्तीय जरूरतों से जुड़े डिजिटल समाधान उपलब्ध कराने पर दिखाई दे रहा है।
सोनू सूद ने बेगूसराय के बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा, पीड़ितों के बीच बांटी राहत सामग्री

बेगूसराय: बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने बेगूसराय के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों का हाल जाना। सोनू सूद मटिहानी प्रखंड के कई गांवों में पहुंचे और बाढ़ से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को करीब से समझने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने लोगों को राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई। सोनू सूद ने मटिहानी प्रखंड के रामदीरी, सिहमा, मटिहानी और खोरमपुर गांव का दौरा किया। इन इलाकों में बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। गांव पहुंचने पर उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और बाढ़ के कारण पैदा हुई परेशानियों की जानकारी ली। प्रभावित परिवारों ने उन्हें अपनी रोजमर्रा की दिक्कतों के बारे में बताया। दौरे के दौरान सोनू सूद की टीम की ओर से सैकड़ों बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया। जरूरतमंद परिवारों को जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया, ताकि बाढ़ की मुश्किल परिस्थितियों में उन्हें कुछ राहत मिल सके। राहत सामग्री मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने सोनू सूद का आभार जताया। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों से बातचीत करते हुए सोनू सूद ने उनकी जरूरतों को समझने पर जोर दिया। उनके दौरे को लेकर स्थानीय स्तर पर भी लोगों में उत्साह देखने को मिला। अभिनेता इससे पहले भी प्राकृतिक आपदा और संकट के समय जरूरतमंद लोगों की मदद को लेकर चर्चा में रहे हैं। बेगूसराय के इन इलाकों में बाढ़ की वजह से जनजीवन प्रभावित है। कई परिवारों के सामने आवागमन, भोजन और रोजमर्रा की जरूरी चीजों को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे में राहत सामग्री का वितरण प्रभावित लोगों के लिए तत्काल मदद के तौर पर देखा जा रहा है। सोनू सूद का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब बिहार के कई इलाकों में बाढ़ प्रभावित परिवार राहत और सहायता की उम्मीद कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक उन्हें लगातार सहयोग की जरूरत है।
राम मंदिर चंदा मामले पर VHP का पलटवार, सुरेंद्र जैन बोले- आरोप लगाने वालों को मांगनी चाहिए माफी

नई दिल्ली: अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े दान और कथित चोरी के मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रवक्ता सुरेंद्र जैन ने आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मंदिर में चोरी की घटना से कभी इनकार नहीं किया गया। इसी वजह से जांच के लिए SIT गठित की गई, FIR दर्ज हुई और मामले में संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई। सुरेंद्र जैन के मुताबिक, जांच से जुड़ी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी गई है और सरकार ने अदालत को बताया है कि मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में 21 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान भी उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया कि SIT अपनी जांच लगभग पूरी कर चुकी है और 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल की जाएगी। वहीं, जांच की ताजा जानकारी में मंदिर परिसर के CCTV फुटेज के आधार पर दान की रकम को कथित तौर पर हटाए जाने की 105 घटनाओं का उल्लेख सामने आया है। SIT ने CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य रिकॉर्ड की जांच के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। हालांकि, सुरेंद्र जैन ने मंदिर में चढ़ाए गए बहुमूल्य सामान को लेकर लगाए गए कई आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि जिन चांदी की ईंटों और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के गायब होने या अनियमितता की बातें कही गई थीं, जांच में वे सुरक्षित पाई गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखी गई SIT रिपोर्ट में भी 200 किलो और 38.288 किलो चांदी की ईंटों समेत कुछ अन्य दान की वस्तुओं के संबंध में कोई विसंगति नहीं मिलने की बात दर्ज है। VHP प्रवक्ता ने कहा कि मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया अपना काम कर रही है। साथ ही उन्होंने उन लोगों से माफी मांगने की मांग की, जिन पर उन्होंने बिना पर्याप्त आधार के आरोप लगाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि राम मंदिर और श्रद्धालुओं से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की गलत जानकारी से लोगों की भावनाएं प्रभावित होती हैं। फिलहाल मामले में SIT की चार्जशीट का इंतजार है। इसके बाद जांच में सामने आए तथ्यों और आरोपों की कानूनी स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
जमुई घटना पर मंत्री श्रवण कुमार सख्त, बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

पटना: बिहार के जमुई में हुई घटना को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने घटना को बेहद दुखद और शर्मसार करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। सरकार की ओर से मामले में कार्रवाई की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि घटना में शामिल कुछ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उनके मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया है और जो लोग अभी गिरफ्त से बाहर हैं, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह की आपराधिक घटना को लेकर गंभीर है। ऐसे मामलों में कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है और जमुई मामले में भी इसी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना भी है। इसके लिए प्रशासन और पुलिस स्तर पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री के बयान के बाद यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार जमुई की घटना को गंभीरता से ले रही है। प्रशासन की कार्रवाई और जांच के आगे बढ़ने के साथ ही यह पता चलेगा कि घटना के पीछे किन लोगों की भूमिका थी और उनके खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं। सरकार ने लोगों से भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई किए जाने की बात दोहराई गई है।