SIR पर संबित पात्रा का बयान: कांग्रेस के शासनकाल में 10 बार हुआ SIR: संबित पात्रा
वाराणसी, उत्तर प्रदेश: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए SIR प्रक्रिया का बचाव किया। वाराणसी में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का समय-समय पर पुनरीक्षण करना एक सामान्य और जरूरी प्रक्रिया है। इसके जरिए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं और जिनके नाम हटाए जाने चाहिए, उन्हें सूची से हटाया जाता है।
कांग्रेस के कार्यकाल में भी 10 बार हुआ SIR
संबित पात्रा ने अपने बयान में कहा कि यह देश में होने वाला 12वां SIR है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल में 10 बार विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया हुई, जबकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में दो बार यह प्रक्रिया पूरी की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस की सरकार के समय SIR कराया गया, तब किसी को आपत्ति नहीं थी, लेकिन वर्तमान सरकार के दौरान यही प्रक्रिया होने पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं?
मतदाता सूची के शुद्धीकरण को बताया जरूरी
भाजपा सांसद ने कहा कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समय-समय पर इसमें बदलाव की जरूरत पड़ती है, ताकि सही मतदाताओं के नाम सूची में शामिल रहें। उन्होंने SIR को मतदाता सूची के शुद्धीकरण की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इस पर राजनीतिक विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।
13 करोड़ वोट चोरी के आरोप पर उठाए सवाल
संबित पात्रा ने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे 13 करोड़ वोट चोरी के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया कि यदि वास्तव में इतने बड़े पैमाने पर वोट चोरी हुई होती, तो देश की स्थिति कैसी होती? उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सड़कों पर भारी संख्या में लोग दिखाई देते और देशभर में आंदोलन हो रहे होते।
SIR को लेकर सियासी घमासान जारी
SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के बीच लगातार बयानबाजी हो रही है। विपक्ष जहां मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा इसे चुनावी व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया बता रही है।
फिलहाल SIR का मुद्दा राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना हुआ है। संबित पात्रा के इस बयान के बाद एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है।