पटना: बिहार की राजनीति में पूर्व विधायक अनंत सिंह और जेडीयू नेता नीरज कुमार के बीच बयानबाजी का सिलसिला लगातार चर्चा में है। इसी बीच अनंत सिंह ने नीरज कुमार को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि दोनों बजरंगबली मंदिर के सामने आमने-सामने बैठकर बातचीत करें। अनंत सिंह के मुताबिक, इस तरह आमने-सामने चर्चा होने से दोनों पक्षों की बातें जनता के सामने स्पष्ट हो सकती हैं।
अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि नीरज कुमार पिछले करीब 15 से 18 वर्षों से लगातार उनके खिलाफ बयान देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मंचों पर लगाए जाने वाले आरोपों के बजाय दोनों नेताओं को सीधे एक-दूसरे के सामने बैठकर अपनी बात रखनी चाहिए। हालांकि, नीरज कुमार की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह अभी देखना बाकी है।
बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने चर्चित एके-47 मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और मामले से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए नार्को टेस्ट की मांग की। नार्को टेस्ट कराने का अधिकार और उसकी कानूनी प्रक्रिया अदालत के अधीन होती है, इसलिए इस मांग पर अंतिम निर्णय संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही हो सकता है।
अनंत सिंह ने यह दावा भी किया कि उन्होंने कई मौकों पर नीरज कुमार की चुनावी जीत में मदद की थी। हालांकि, उनके इस दावे पर नीरज कुमार की ओर से कोई अलग पक्ष सामने आता है या नहीं, यह महत्वपूर्ण होगा।
इसी बीच अनंत सिंह ने आगामी चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक रणनीति के संकेत भी दिए। उन्होंने अनुज को अपना उम्मीदवार बताते हुए उनके समर्थन की घोषणा की। टिकट के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि यदि पार्टी टिकट देती है तो ठीक है, लेकिन टिकट नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का विकल्प भी खुला है।
अनंत सिंह के इस बयान के बाद बिहार की स्थानीय राजनीति में सियासी हलचल बढ़ गई है। अब निगाहें नीरज कुमार की प्रतिक्रिया और आगे होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हैं।