BPSC पेपर लीक मामले में छात्र नेता दिलीप से पूछताछ, CMO को ईमेल भेजने पर उठे सवाल

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 67वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ा पेपर लीक मामला मई 2022 में काफी चर्चा में रहा था। परीक्षा के प्रश्नपत्र के कथित तौर पर लीक होने की खबर सामने आने के बाद आयोग ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इसी घटनाक्रम से जुड़े मामले में छात्र नेता दिलीप से पूछताछ किए जाने की बात सामने आई थी।

बताया गया कि 8 मई 2022 को 67वीं BPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) का प्रश्नपत्र लीक होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद परीक्षा की प्रक्रिया और प्रश्नपत्र की गोपनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। मामले को लेकर अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों के बीच भी नाराजगी देखने को मिली थी।

घटनाक्रम के अगले दिन, 9 मई 2022 को छात्र नेता दिलीप को पूछताछ के लिए ले जाने की बात सामने आई थी। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को ईमेल भेजा था। पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों की ओर से कथित तौर पर यह जानने की कोशिश की गई कि उन्हें पेपर लीक की जानकारी कहां से मिली और उन्होंने इस संबंध में CMO को ईमेल क्यों किया।

छात्र नेता दिलीप का दावा रहा है कि उन्होंने ही परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़ी गड़बड़ी को सामने लाया था, जिसके बाद मामले ने व्यापक रूप लिया और परीक्षा रद्द करने का फैसला किया गया। हालांकि, किसी भी दावे की पुष्टि संबंधित आधिकारिक जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही की जा सकती है।

67वीं BPSC PT परीक्षा रद्द होने के बाद इस मामले की जांच की गई थी। पेपर लीक की घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए थे।

मई 2022 की यह घटना आज भी बिहार की प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े बड़े विवादों में गिनी जाती है। इस मामले में सामने आए आरोपों और दावों को समझने के लिए उस समय की जांच, आधिकारिक कार्रवाई और संबंधित दस्तावेजों को देखना महत्वपूर्ण है।

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