नागपुर, महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के आदिवासी आश्रम स्कूलों में शिक्षा और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने नागपुर में ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू करने की जानकारी देते हुए कहा कि आदिवासी बच्चों के लिए संचालित कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है।
अभिजीत दिपके के मुताबिक, इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर स्कूल भवन, रहने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति ऐसी है, जिसे तत्काल सुधारने की जरूरत है।
उन्होंने महाराष्ट्र के आश्रम स्कूलों में बच्चों की मौत को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। दिपके ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों के दौरान इन स्कूलों में 590 से अधिक बच्चों की मौत हुई है। उनके अनुसार, खराब गुणवत्ता वाले भोजन, रहने की असुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याएं इसके पीछे संभावित कारण हो सकती हैं। हालांकि, इस आंकड़े और मौतों के कारणों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस बयान के आधार पर नहीं हुई है।
CJP नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ आश्रम स्कूलों में बच्चों के लिए पर्याप्त बिस्तरों की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें जमीन पर सोना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी परिस्थितियों में सांप के काटने जैसी घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। दिपके ने इसे बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रशासनिक मुद्दा बताया।
अभिजीत दिपके ने कहा कि आदिवासी समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने अभियान के माध्यम से आश्रम स्कूलों की स्थिति में सुधार, बेहतर भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षित आवास और शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
CJP का कहना है कि ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के जरिए स्कूलों की जमीनी स्थिति को सामने लाने और सरकार का ध्यान बुनियादी सुविधाओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा।