तिरुवनंतपुरम। केरल में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन तूफान’ को अब दूसरे चरण में ले जाने की तैयारी है। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बताया कि अभियान के अगले चरण में ड्रग्स की सप्लाई और डिमांड को कम करने के साथ-साथ नशे की गिरफ्त में आए लोगों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस चरण को ‘तूफान केयर’ नाम दिया गया है।
गृह मंत्री के अनुसार, ऑपरेशन तूफान के पहले चरण के दौरान राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि अब सरकार अभियान को आगे बढ़ाते हुए पुनर्वास से जुड़े प्रयासों को मजबूत करेगी, ताकि नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने में मदद मिल सके।
उन्होंने बताया कि इस अभियान में केरल के स्थानीय निकायों को भी शामिल किया जा रहा है। पंचायतों और अन्य स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से बड़े स्तर पर ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की योजना है। इसका उद्देश्य आम लोगों, खासकर युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है।
रमेश चेन्निथला ने यह भी जानकारी दी कि नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच के लिए एक नई नारकोटिक्स इन्वेस्टिगेशन टीम तैयार की गई है। यह टीम ड्रग्स की तस्करी और इससे जुड़े नेटवर्क की पहचान करने में पुलिस और जांच एजेंसियों की मदद करेगी। सरकार का जोर ऐसे लोगों तक पहुंचने पर है, जो कथित तौर पर नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े होने के बावजूद जांच से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
गृह मंत्री ने दक्षिण भारत के राज्यों के बीच बढ़ते समन्वय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों की एजेंसियां आपसी सहयोग के साथ नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के प्रयास कर रही हैं।
चेन्निथला ने दावा किया कि केरल में ड्रग्स के दुरुपयोग में 20 से 30 प्रतिशत तक कमी देखने को मिली है। हालांकि, इस आंकड़े का आधार और मापने की पद्धति उन्होंने इस बयान में विस्तार से नहीं बताई।
अब ‘तूफान केयर’ के जरिए सरकार का फोकस कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता, रोकथाम और पुनर्वास पर भी रखने की तैयारी है।