आकाश आनंद के बाद ईशान आनंद पर भी मायावती का रुख साफ, परिवार से ज्यादा पार्टी को दी प्राथमिकता

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में इन दिनों संगठनात्मक बदलाव और परिवार की राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पार्टी सुप्रीमो मायावती के हालिया फैसलों और सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उनके परिवार के सदस्यों की भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर चल रही अटकलों को काफी हद तक विराम मिलता नजर आ रहा है।

कुछ दिन पहले मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह अलग करने का ऐलान किया था। इसके बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या अब उनके छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसी बीच ईशान आनंद को संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य सौंपे जाने की खबरों ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी थी।

बताया गया कि ईशान आनंद को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर कई राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी दी गई थी। करीब 15 राज्यों में संगठन की स्थिति और पार्टी गतिविधियों पर नजर रखने की भूमिका मिलने के बाद यह कयास लगने लगे कि मायावती उन्हें भविष्य में पार्टी में आगे बढ़ा सकती हैं।

हालांकि, मायावती के एक ताजा सोशल मीडिया पोस्ट ने इन अटकलों को नया मोड़ दे दिया है। मायावती ने परिवार और पार्टी के बीच प्राथमिकता को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि संगठन और बहुजन आंदोलन के हित सबसे ऊपर हैं। उनके पोस्ट में उनके भाई और BSP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिया गया।

मायावती ने स्पष्ट किया कि आनंद कुमार को व्यक्तिगत या पारिवारिक स्तर पर किसी मदद की आवश्यकता होने पर वह अपनी बेटी दीपिका आनंद से सहायता ले सकते हैं। इस बयान को पार्टी में परिवार के सदस्यों की राजनीतिक भूमिका को सीमित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

दरअसल, आकाश आनंद को पार्टी से अलग करने के दौरान भी मायावती ने व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों को संगठन से ऊपर रखने के खिलाफ सख्त संदेश दिया था। अब आनंद कुमार को लेकर दिए गए ताजा बयान से यह संकेत मिल रहा है कि BSP में भविष्य के फैसलों का आधार परिवार के बजाय संगठन और पार्टी की राजनीतिक प्राथमिकताएं होंगी।

आकाश आनंद के बाद ईशान आनंद को लेकर उठे सवालों के बीच मायावती का यह रुख इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में BSP के संगठन में आने वाले दिनों में किसी बड़े बदलाव की संभावना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं।

अब देखना होगा कि मायावती आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी संगठन में किस तरह के बदलाव करती हैं और ईशान आनंद की भूमिका भविष्य में किस रूप में सामने आती है।

Latest