नोएडा, उत्तर प्रदेश: रूस में जमा ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) के डिविडेंड से जुड़ी राशि को भारत लाने की प्रक्रिया को लेकर कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) रणजीत रथ ने अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कंपनी का करीब 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर का डिविडेंड मॉस्को स्थित SBI की शाखा में है। फिलहाल यह रकम भारत वापस नहीं लाई जा सकी है, लेकिन कंपनी इस मामले को लेकर चिंतित नहीं है।
रणजीत रथ के मुताबिक, इस राशि को वापस लाने को लेकर संबंधित स्तर पर बातचीत चल रही है। कंपनी इस बात की संभावनाएं तलाश रही है कि डिविडेंड की रकम को सिंगापुर या भारत में किस तरह स्थानांतरित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया अभी जारी है और संबंधित पक्षों के साथ चर्चा के जरिए आगे का रास्ता निकाला जा रहा है।
CMD ने बताया कि ऑयल इंडिया ने सिंगापुर में अपनी एक सब्सिडियरी के जरिए निवेश की संरचना तैयार की है। इसी वजह से कंपनी के सामने यह विकल्प भी मौजूद है कि रूस से संबंधित डिविडेंड की राशि को पहले सिंगापुर तक लाया जाए। हालांकि, अंतिम व्यवस्था किस रूप में होगी, इस पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
कंपनी के अनुसार, रूस में मौजूद इस राशि को लेकर कामकाज जारी है। मौजूदा स्थिति में रकम की वापसी में समय लग रहा है, लेकिन OIL प्रबंधन इसे नियमित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा रहा है। कंपनी का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि उपलब्ध नियमों और वित्तीय व्यवस्थाओं के तहत राशि को सुरक्षित तरीके से निर्धारित गंतव्य तक लाया जा सके।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय कंपनियों के रूस से जुड़े निवेश और वहां से होने वाले वित्तीय लेनदेन पर लगातार नजर बनी हुई है। रूस में भारतीय कंपनियों की कारोबारी मौजूदगी के चलते डिविडेंड, भुगतान और फंड ट्रांसफर से जुड़े मामलों में विभिन्न वित्तीय व्यवस्थाओं और नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है।
रणजीत रथ के बयान से संकेत मिलता है कि 300 मिलियन डॉलर की राशि को लेकर OIL सक्रिय रूप से समाधान तलाश रही है और सिंगापुर अथवा भारत में धनराशि लाने के विकल्पों पर चर्चा जारी है।