सीकर: राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव 2026 के बाद बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सीकर में एक कार्यक्रम के दौरान डोटासरा ने दावा किया कि बड़ी संख्या में चुने हुए प्रतिनिधियों को पिछले कई दिनों से होटलों में रखा गया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति बताया।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं करती और सरकारी तंत्र तथा सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल करके सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में जनता के जनादेश के बाद अब बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक जोड़-तोड़ की कोशिशें की जा रही हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पिछले पांच दिनों से हजारों चुने हुए प्रतिनिधि होटलों में रहने को मजबूर हैं। उनके मुताबिक, चुनाव जीतने के बाद भी प्रतिनिधियों को स्वतंत्र रूप से राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर नहीं मिल रहा है। हालांकि, ये आरोप डोटासरा की ओर से लगाए गए हैं और भाजपा की ओर से इन दावों पर अलग प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
डोटासरा ने आगामी पंचायत चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वह लिखकर देने को तैयार हैं कि पंचायत चुनाव में भाजपा को 30 प्रतिशत वोट भी नहीं मिलेंगे। उनके इस बयान को आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति और आत्मविश्वास से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजस्थान में हालिया निकाय चुनाव के बाद कई स्थानों पर बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं। निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी कई निकायों में महत्वपूर्ण बनी हुई है। ऐसे में प्रमुख दल अपने पक्ष में बहुमत जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
डोटासरा के आरोपों के बाद राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के संकेत हैं। अब निगाहें निकाय बोर्ड गठन और आने वाले पंचायत चुनावों पर टिकी हैं।