UPI MDR चार्ज पर राहुल गांधी के बयान को राजीव चंद्रशेखर ने बताया नकारात्मक राजनीति

तिरुवनंतपुरम, केरल: UPI के जरिए होने वाले बड़े व्यापारी लेनदेन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू किए जाने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से UPI MDR को लेकर की गई टिप्पणी पर केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार के नए प्रावधान का बचाव करते हुए इसे छोटे कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बदलाव बताया।

राजीव चंद्रशेखर के मुताबिक, नए प्रावधान के तहत छोटे कारोबारियों और उपभोक्ताओं को अतिरिक्त शुल्क से बचाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि निर्धारित सीमा से ऊपर व्यक्ति और व्यापारी के बीच होने वाले कुछ लेनदेन पर मामूली शुल्क लागू होगा। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य UPI इकोसिस्टम को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखना है।

केंद्र सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4% MDR लागू होगा। वहीं, व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाले UPI लेनदेन पर कोई MDR नहीं लगेगा। ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान भी शुल्क-मुक्त रहेंगे और छोटे कारोबारियों के लिए भी विशेष छूट का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि लगभग 96 प्रतिशत P2M लेनदेन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे।

राजीव चंद्रशेखर ने UPI की वैश्विक पहुंच का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का डिजिटल भुगतान नेटवर्क आज दुनिया के सबसे बड़े और कम लागत वाले डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल है। उन्होंने राहुल गांधी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को नकारात्मक तरीके से पेश कर रही है और अपनी ही पार्टी के सांसदों की राय को नजरअंदाज कर रही है।

दूसरी ओर, विपक्ष ने नए MDR प्रावधान को लेकर सरकार से सवाल पूछे हैं। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने इस व्यवस्था की आलोचना की है और इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR ग्राहक से सीधे वसूलने वाला शुल्क नहीं है और UPI ऐप प्रदाताओं को ग्राहकों पर अलग से प्लेटफॉर्म या छिपा हुआ शुल्क लगाने की अनुमति नहीं होगी।

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