मेरठ दौरे के लिए ₹1.53 करोड़ के टेंडर पर विवाद, ECI ने कहा- कई हफ्ते पहले ही रद्द हो चुका था

नई दिल्ली: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के प्रस्तावित मेरठ दौरे से जुड़ा ₹1.53 करोड़ का टेंडर सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। विपक्षी नेताओं ने इस खर्च को लेकर सवाल उठाते हुए इसे सरकारी धन के इस्तेमाल से जोड़कर निशाना साधा है। विपक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि इतनी बड़ी राशि खर्च करने की तैयारी ऐसे समय में की जा रही थी, जब देश में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर पहले से बहस चल रही है। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इस मामले में अलग तस्वीर पेश की गई है। ECI का कहना है कि जिस टेंडर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह कार्यक्रम से कई सप्ताह पहले ही रद्द किया जा चुका था। आयोग के अनुसार, इसलिए इसे मौजूदा समय में होने वाले किसी खर्च या प्रस्तावित कार्यक्रम से जोड़कर देखना सही नहीं होगा। टेंडर को लेकर सामने आई जानकारी के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा बढ़ गई है। विपक्ष ने खर्च की प्रक्रिया और उससे जुड़े फैसलों पर स्पष्टीकरण की मांग की है, जबकि चुनाव आयोग की ओर से टेंडर रद्द होने की बात कही गई है। ऐसे में अब विवाद का केंद्र यह बन गया है कि टेंडर कब जारी हुआ, किन परिस्थितियों में जारी किया गया और उसे कब रद्द किया गया। इसी बीच राजधानी दिल्ली में कांग्रेस के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की तैयारी के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रदर्शन को देखते हुए प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों में आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। कांग्रेस की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन के कारण दिल्ली में यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां भीड़ की स्थिति को देखते हुए आवश्यक इंतजाम कर रही हैं। मेरठ के टेंडर विवाद और दिल्ली में प्रस्तावित कांग्रेस प्रदर्शन ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, टेंडर को लेकर आयोग का स्पष्ट कहना है कि संबंधित प्रक्रिया पहले ही रद्द की जा चुकी थी।

बिहार में वायरल छेड़छाड़ वीडियो पर सियासत तेज, मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने RJD पर साधा निशाना

पटना: बिहार में लड़कियों से कथित छेड़छाड़ से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष जहां इन घटनाओं को लेकर सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार की ओर से भी विपक्ष पर पलटवार किया जा रहा है। इसी क्रम में मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने वायरल वीडियो को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं को राजनीतिक रंग देकर सरकार की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि लोगों को केवल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए, बल्कि पूरे मामले की वास्तविकता जानने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज बेहद तेजी से सूचनाएं प्रसारित करता है। किसी वीडियो को संदर्भ से अलग तरीके से पेश किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में किसी भी वायरल सामग्री को अंतिम सत्य मानने के बजाय उसके पीछे की वास्तविक स्थिति को समझना जरूरी है। मंत्री ने विपक्षी दल RJD पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास सरकार को घेरने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं है। हालांकि, मंत्री के इस आरोप पर विपक्ष की ओर से अलग प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। गौरतलब है कि बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ कथित मारपीट व छेड़छाड़ का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई की है। रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में FIR दर्ज की गई और आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है। इधर, सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित किए जाने को लेकर भी पुलिस ने लोगों को सावधान किया है। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को शेयर करना कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। पुलिस ने कई सोशल मीडिया अकाउंट्स को नोटिस भी भेजे हैं। ऐसे में पूरे मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर सीएम सम्राट चौधरी ने दी श्रद्धांजलि, पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के दौरान उनके विचारों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की उनकी सोच को याद किया गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मनाई जा रही है। भारतीय जनसंघ के प्रमुख विचारकों में शामिल रहे दीनदयाल उपाध्याय ने समाज और राष्ट्र के विकास को लेकर कई विचार प्रस्तुत किए थे। उनका ‘एकात्म मानववाद’ का दर्शन भारतीय राजनीतिक और सामाजिक चिंतन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर उन्हें याद करते हुए श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन सादगी, सेवा और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा है। उनके विचारों में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण और उसे विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया था। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के योगदान को याद किया और उनके बताए सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। जयंती के अवसर पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की ओर से भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती हर वर्ष 25 सितंबर को मनाई जाती है। उनके विचारों में आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के समग्र विकास की अवधारणा को प्रमुखता दी गई थी। यही वजह है कि उनकी जयंती पर देश के अलग-अलग हिस्सों में उनके जीवन और विचारों पर चर्चा की जाती है। पटना में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करना इसी स्मरण कार्यक्रम का हिस्सा रहा। इस दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सार्वजनिक जीवन और उनके विचारों को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।

एशियन गेम्स 2026: शूटिंग में भारत को गोल्ड, सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने रचा इतिहास

नागोया, जापान: एशियाई खेल 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए एक और स्वर्ण पदक हासिल किया है। शूटिंग के 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता का एक बार फिर परिचय दिया। फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास के साथ निशाना साधा। मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों ने तालमेल बनाए रखा और महत्वपूर्ण मौकों पर सटीक शॉट लगाकर पदक की दावेदारी मजबूत की। आखिरकार भारत ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। गोल्ड मेडल जीतने के बाद शूटर कमलजीत ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए लंबे समय से जारी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने करीब सात साल तक लगातार कड़ी मेहनत की है। उनके मुताबिक, फाइनल में पहुंचने के बाद टीम को पूरा भरोसा था कि वे पदक जीतने में सफल होंगे। कमलजीत ने यह भी कहा कि प्रतियोगिता के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी था। फाइनल में पहुंचने के बाद उन्हें और सुरुचि सिंह को विश्वास था कि वे देश के लिए पदक हासिल कर सकते हैं। स्वर्ण पदक के साथ रिकॉर्ड बनने की जानकारी मिलने पर उन्होंने खुशी भी जाहिर की। अपने इस खास प्रदर्शन के बाद कमलजीत ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि उनकी मेहनत और सफर में परिवार तथा कोच का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पदक जीतने के बावजूद वे खुद को हमेशा एक खिलाड़ी के रूप में देखते रहेंगे। सुरुचि सिंह और कमलजीत की इस जीत से भारतीय शूटिंग टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। एशियाई खेलों जैसे बड़े मंच पर हासिल किया गया यह स्वर्ण पदक भारत के लिए गौरव का विषय है और युवा निशानेबाजों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगा।

वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर छत्तीसगढ़ में सामूहिक गायन, CM साय ने बताया ऐतिहासिक दिन

रायपुर: देशभक्ति के प्रसिद्ध गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी इस ऐतिहासिक अवसर पर सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित बड़ी संख्या में लोग और विद्यार्थी शामिल हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होना देश के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने बताया कि इस विशेष अवसर को पूरे देश में अलग-अलग स्तर पर मनाया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, विद्या भारती के तत्वावधान में देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर सामूहिक वंदे मातरम गायन का आयोजन किया गया, जिसमें एक करोड़ से ज्यादा विद्यार्थियों के शामिल होने की बात कही गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर में भी लोगों ने एक साथ वंदे मातरम का गायन कर इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाया। उन्होंने इसे देश की एकता, राष्ट्रभावना और विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने वाला अवसर बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में भी इस अवसर पर बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ और देश के अन्य स्थानों को मिलाकर करीब 1,500 जगहों पर पांच लाख से अधिक बच्चों ने सुबह 11 बजे सामूहिक रूप से वंदे मातरम गीत का गायन किया। वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों और आम लोगों को इस गीत के ऐतिहासिक महत्व से जोड़ने का प्रयास किया गया। सामूहिक गायन के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी देखने को मिली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को देश के इतिहास और राष्ट्रीय भावना से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस अवसर को पूरे देश के लिए गौरव और ऐतिहासिक महत्व का दिन बताया।

समस्तीपुर में PM आवास योजना की सूची पर हंगामा, मुखिया पर अपात्रों को लाभ देने का आरोप

समस्तीपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की लाभार्थी सूची को लेकर समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के लाटबसेपुरा पंचायत में विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर तैयार की गई सूची में कथित तौर पर अपात्र लोगों के नाम शामिल किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के मुखिया ने अपने पद का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए अपने परिवार और करीबियों से जुड़े कुछ लोगों के नाम योजना की सूची में शामिल करवाए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, लाभार्थियों की सूची में ऐसे लोगों के नाम भी दिखाई दे रहे हैं, जिनके पास पहले से पक्के और दो मंजिला मकान मौजूद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और आवासहीन परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि पहले से पक्का मकान रखने वाले लोगों को योजना का लाभ मिलता है, तो वास्तविक जरूरतमंद परिवारों के साथ न्याय नहीं होगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि पंचायत में कई परिवार ऐसे हैं, जो मजदूरी या छोटे-मोटे काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। कुछ परिवार अभी भी फूस या कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का दावा है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद ऐसे परिवारों के नाम लाभार्थी सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और वे लाभार्थी सूची की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्रता के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाना चाहिए, ताकि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने, लाभार्थी सूची का दोबारा सत्यापन करने और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले में पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।  

ग्रेटर नोएडा में UP International Trade Show 2026 का आगाज, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ रहे मौजूद

ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, स्थानीय उत्पादों और कारोबार को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में शुक्रवार को एक बड़ा आयोजन शुरू हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट पहुंचे, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2026) के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। UP International Trade Show का आयोजन 25 से 29 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं, निर्यातकों, एमएसएमई, कारीगरों और स्टार्टअप्स को देश-विदेश के खरीदारों से जोड़ना है। आयोजन के जरिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। इस बार ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, कृषि, टेक्सटाइल, हैंडलूम, हस्तशिल्प, ऑटोमोबाइल, चमड़ा उत्पाद और अन्य क्षेत्रों से जुड़े उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) के साथ स्थानीय और क्षेत्रीय उत्पादों को भी प्रमुखता दी गई है। आयोजकों के अनुसार, इस संस्करण में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों और 550 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के शामिल होने की उम्मीद है। करीब 85 देशों से अंतरराष्ट्रीय भागीदारी की जानकारी सामने आई है। ऐसे में यह आयोजन उत्तर प्रदेश के कारोबारियों को नए बाजार, कारोबारी साझेदारी और निर्यात के अवसर उपलब्ध कराने वाला मंच बन सकता है। ट्रेड शो की थीम “Ultimate Sourcing Begins Here” रखी गई है। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, घरेलू बी2बी खरीदारों और आम दर्शकों के लिए अलग-अलग अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आयोजकों का लक्ष्य उत्तर प्रदेश के उत्पादों और सेवाओं को व्यापक बाजार से जोड़ना है। UPITS 2026 के जरिए राज्य की औद्योगिक क्षमता, स्थानीय हुनर और कारोबारी संभावनाओं को एक बड़े मंच पर पेश किया जा रहा है। अगले पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में व्यापारिक बैठकों, उत्पाद प्रदर्शन और कारोबारी संपर्क के जरिए नए अवसर तलाशे जाएंगे।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आदित्य साहू ने किया नमन, राहुल गांधी पर साधा निशाना

रांची: भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और उनके सामाजिक चिंतन को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन सादगी, राष्ट्रसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की सोच को समर्पित रहा। आदित्य साहू ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि विकास का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार और व्यवस्था का उद्देश्य ऐसा होना चाहिए जिससे जरूरतमंद लोगों के जीवन में बदलाव आए और उनके चेहरे पर मुस्कान दिखाई दे। साहू ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने इसी विचार और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ देश की सेवा की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसी विचारधारा को आधार बनाकर देश की जनता के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक विकास और जनकल्याण की सुविधाएं पहुंचाना है। इस मौके पर उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को नमन करते हुए उनके विचारों को आगे बढ़ाने की बात कही। इसी दौरान आदित्य साहू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने राहुल गांधी के बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में बहुत से लोग उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते। साहू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कई बार ऐसी बातें कहते हैं जिन्हें लेकर खुद उन्हें स्पष्टता नहीं होती। राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए भाजपा नेता ने बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया और उनकी मानसिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। हालांकि, यह आदित्य साहू की राजनीतिक प्रतिक्रिया और राय है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को याद किया और उनके सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और समाज के कमजोर वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाने के संकल्प पर भी जोर दिया गया।

नेपाल ने भारत-चीन के साथ आपदा प्रबंधन सहयोग बढ़ाने का दिया प्रस्ताव

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए भारत और चीन की ओर से मिली सहायता की नेपाल ने सराहना की है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने दोनों पड़ोसी देशों के साथ आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में स्थायी सहयोग विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भारत, चीन और नेपाल के बीच एक साझा तंत्र बनाने का प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री शाह के अनुसार, हाल की बाढ़ और उससे पैदा हुई परिस्थितियों के दौरान नेपाल के तत्काल पड़ोसी भारत और चीन ने समय पर सहायता उपलब्ध कराई। उन्होंने दोनों देशों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आपदा के बाद राहत पहुंचाने के साथ-साथ भविष्य की आपदाओं के लिए पहले से बेहतर तैयारी करना भी जरूरी है। शाह ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से तीनों देशों के बीच एक ऐसे तंत्र की आवश्यकता बताई, जिसके माध्यम से आपदा से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं तेजी से साझा की जा सकें। प्रस्तावित व्यवस्था में सैटेलाइट डेटा साझा करने, हिमनद झीलों यानी ग्लेशियल लेक्स की निगरानी और संभावित खतरों को लेकर शुरुआती चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। नेपाल के प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आपदा की स्थिति में केवल चेतावनी जारी करना पर्याप्त नहीं है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए भारत, चीन और नेपाल के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों तक सहायता तेजी से पहुंचाई जा सके। उनका प्रस्ताव खास तौर पर हिमालयी क्षेत्र में बाढ़, भूस्खलन और ग्लेशियल झीलों से जुड़े संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नेपाल, भारत और चीन भौगोलिक रूप से हिमालयी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और कई प्राकृतिक आपदाओं का असर सीमाओं से आगे तक पहुंच सकता है। ऐसे में मौसम, जलस्तर और ग्लेशियल झीलों से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी का समय पर आदान-प्रदान आपदा प्रबंधन में उपयोगी हो सकता है। शाह का यह प्रस्ताव क्षेत्रीय सहयोग को आपदा राहत से आगे बढ़ाकर आपदा की पूर्व तैयारी, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया से जोड़ने की दिशा में एक पहल के रूप में सामने आया है।

राहुल गांधी की मांग पर चिराग पासवान का बयान, बोले- चुनाव आयोग को जनता का भरोसा बनाए रखना जरूरी

पटना: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मांग के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। चिराग पासवान ने कहा कि अगर चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो आयोग की जिम्मेदारी है कि वह तथ्यों के साथ अपना पक्ष मजबूती से जनता के सामने रखे। राहुल गांधी ने 24 सितंबर 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर कई सवाल उठाए हैं। इस पूरे मामले के बाद राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इसी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष की ओर से क्या कहा जा रहा है, इससे उन्हें व्यक्तिगत तौर पर फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि विपक्ष का काम सरकार और संस्थाओं पर सवाल उठाना तथा राजनीति करना है। हालांकि, उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण बात कही। चिराग पासवान के मुताबिक, चुनाव आयोग को अपने ऊपर उठ रहे सवालों का जवाब मजबूती से देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता का विश्वास बेहद महत्वपूर्ण है। अगर लोगों के मन में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा होने लगे, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित स्थिति नहीं होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव आयोग को अपनी कार्यप्रणाली और फैसलों के बारे में आवश्यक स्पष्टीकरण सार्वजनिक रूप से देना चाहिए, ताकि लोगों के मन में किसी तरह की आशंका न रहे। दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर हाल के दिनों में राजनीतिक विवाद बढ़ा है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग विचार सामने आना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है और उसके हालिया फैसले पूर्ण आयोग के स्तर पर लिए गए हैं। ऐसे में चिराग पासवान का बयान इस पूरे विवाद में चुनाव आयोग से जनता के भरोसे को बनाए रखने और अपने पक्ष को स्पष्ट रूप से सामने रखने की जरूरत पर केंद्रित है।