INS विक्रांत पर राफेल मरीन की पहली सफल लैंडिंग, भारतीय नौसेना की ताकत में होगा इजाफा

राफेल मरीन की INS विक्रांत पर लैंडिंग: राफेल मरीन फाइटर जेट (Rafale Marine) ने भारतीय नौसेना के स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत पर पहली बार सफलतापूर्वक लैंडिंग कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 29 अक्टूबर 2026 को हुई इस ऐतिहासिक लैंडिंग को भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षमता को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, राफेल मरीन एयरक्राफ्ट ने INS विक्रांत के डेक पर अपनी पहली ही कोशिश में सफल लैंडिंग की। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि किसी विमानवाहक पोत पर फाइटर जेट की लैंडिंग करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। समुद्र में लगातार बदलती परिस्थितियों, जहाज की सीमित जगह और तेज हवाओं के बीच पायलट को बेहद सटीक नियंत्रण और कौशल का प्रदर्शन करना पड़ता है। INS विक्रांत पर राफेल मरीन की सफल लैंडिंग भारतीय नौसेना के लिए एक अहम उपलब्धि है। इससे स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर पर आधुनिक लड़ाकू विमानों के संचालन की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी। साथ ही, यह भारतीय नौसेना में राफेल मरीन को ऑपरेशनल रूप से शामिल करने की दिशा में शुरुआती महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समुद्र में बढ़ेगी भारतीय नौसेना की ताकत राफेल मरीन को विशेष रूप से विमानवाहक पोत से संचालन के लिए तैयार किया गया है। इसमें समुद्र से उड़ान भरने और सीमित जगह में सुरक्षित लैंडिंग करने की क्षमता है। यह आधुनिक तकनीक, उन्नत हथियार प्रणालियों और बहुउद्देशीय युद्धक क्षमताओं से लैस है। INS विक्रांत भारत का स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर है, जिसका निर्माण देश में ही किया गया है। इस पर आधुनिक लड़ाकू विमानों का संचालन भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत को नई मजबूती दे सकता है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम राफेल मरीन की पहली सफल लैंडिंग भारत की रक्षा तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे भविष्य में नौसेना के विमानवाहक पोतों पर आधुनिक लड़ाकू विमानों की तैनाती का रास्ता मजबूत होगा। कुल मिलाकर, INS विक्रांत पर राफेल मरीन की सफल लैंडिंग भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल क्षमता, आधुनिक तकनीक और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

एक्सटॉर्शन केस में नोरा फतेही को कोर्ट का समन, 2 नवंबर को बतौर गवाह होंगी पेश

नोरा फतेही सुकेश चंद्रशेखर केस: बॉलीवुड अभिनेत्री और मशहूर डांसर नोरा फतेही एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े एक्सटॉर्शन (जबरन वसूली) मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नोरा फतेही को बतौर अभियोजन गवाह पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने उन्हें 2 नवंबर 2026 को कोर्ट में उपस्थित होने के लिए समन जारी किया है। जानकारी के मुताबिक, नोरा फतेही का नाम इस मामले में दाखिल तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में गवाह के तौर पर शामिल किया गया है। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें मामले की सुनवाई के दौरान अपना बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है। सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मामले में होगी गवाही यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े करोड़ों रुपये की जबरन वसूली से संबंधित है। इस मामले की जांच के दौरान कई लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच एजेंसियों ने मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट भी दाखिल की है। नोरा फतेही को अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। ऐसे में उनकी गवाही इस मामले की सुनवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। 2 नवंबर को कोर्ट में होना होगा पेश दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नोरा फतेही को 2 नवंबर 2026 को पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत में उनकी गवाही के दौरान अभियोजन पक्ष मामले से जुड़े तथ्यों पर उनका पक्ष जान सकता है। फिलहाल, इस मामले में नोरा फतेही को गवाह के तौर पर बुलाया गया है। अदालत में उनकी पेशी और बयान के बाद मामले की सुनवाई में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

टेंडर घोटाला मामला: ED के सामने पेश नहीं हुए IAS आनंद किशोर, मांगी एक सप्ताह की मोहलत

IAS आनंद किशोर ED पूछताछ: बिहार में चर्चित टेंडर घोटाला मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए वरिष्ठ IAS अधिकारी आनंद किशोर निर्धारित समय पर ED के सामने पेश नहीं हुए। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने जांच एजेंसी से पूछताछ के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है। ED ने उनकी इस मांग को स्वीकार कर लिया है। अब आनंद किशोर से अगले सप्ताह पूछताछ होने की संभावना है। यह मामला रिशुश्री प्रकरण से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है। जांच के सिलसिले में ED ने IAS आनंद किशोर को पूछताछ के लिए तलब किया था। एजेंसी उनसे इस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी हासिल करना चाहती है। हालांकि, निर्धारित तारीख पर उनके पेश नहीं होने के बाद एक सप्ताह का समय मांगे जाने की बात सामने आई है। अगले सप्ताह IAS अधिकारियों से होगी पूछताछ सूत्रों के अनुसार, ED ने आनंद किशोर को एक सप्ताह की मोहलत दे दी है। अब अगले सप्ताह उनसे पूछताछ की जाएगी। इसके साथ ही IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर को भी जांच एजेंसी के सामने पूछताछ के लिए उपस्थित होना है। इस तरह आने वाले सप्ताह में दोनों वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से पूछताछ इस मामले की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। ED यह जानने की कोशिश करेगी कि कथित टेंडर घोटाले से जुड़े फैसलों, प्रक्रियाओं और अन्य गतिविधियों में किन लोगों की क्या भूमिका रही है। क्या है पूरा मामला? टेंडर घोटाला मामले में ED की जांच का उद्देश्य कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल करना है। जांच एजेंसी संबंधित अधिकारियों से पूछताछ कर यह समझने की कोशिश कर सकती है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान किन नियमों का पालन किया गया और कहीं किसी स्तर पर गड़बड़ी तो नहीं हुई। हालांकि, इस मामले में IAS आनंद किशोर और IAS योगेश कुमार सागर की भूमिका को लेकर जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं। केवल पूछताछ के लिए बुलाए जाने को किसी अधिकारी के दोषी होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। फिलहाल सभी की नजरें अगले सप्ताह होने वाली ED की पूछताछ पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि अधिकारियों से पूछताछ के बाद जांच से जुड़े कुछ नए तथ्य सामने आ सकते हैं। अब देखना होगा कि प्रवर्तन निदेशालय की जांच आगे क्या दिशा लेती है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक करना होगा सरेंडर, बेटी की शादी के बाद आत्मसमर्पण की कही बात

अनंत सिंह सरेंडर: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व विधायक अनंत सिंह को बड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। इस मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं, याचिकाकर्ता की वकील शिल्पी चौधरी ने सुनवाई के दौरान अनंत सिंह की ओर से रखी गई दलील के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। शिल्पी चौधरी के मुताबिक, अनंत सिंह ने अपनी बेटी की शादी का हवाला देते हुए कोर्ट से शादी के बाद सरेंडर करने की बात कही है। उन्होंने अपनी पारिवारिक परिस्थिति का उल्लेख करते हुए आत्मसमर्पण के लिए कुछ समय मांगा था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में समयसीमा निर्धारित करते हुए 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। बेटी की शादी का दिया हवाला इस पूरे मामले में सबसे अहम बात अनंत सिंह की ओर से बेटी की शादी का हवाला देना है। याचिकाकर्ता की वकील शिल्पी चौधरी ने बताया कि अनंत सिंह ने शादी के बाद आत्मसमर्पण करने की बात कही है। यानी उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारी पूरी करने के बाद सरेंडर करने की इच्छा जताई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर टिकी नजरें सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद अब सभी की नजरें 1 दिसंबर की तारीख पर टिकी हैं। देखना होगा कि अनंत सिंह निर्धारित समयसीमा के भीतर किस तरह आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हैं। बिहार की राजनीति में अनंत सिंह का नाम हमेशा चर्चा में रहा है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। इस मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है।

INDIA गठबंधन की रैली से पहले खरगे के आवास पर बड़ी बैठक, विपक्षी नेताओं ने बनाई रणनीति

नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की रैली को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। रैली की तैयारियों और आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर गठबंधन के प्रमुख नेताओं की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया और आगामी रैली को सफल बनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। 1 नवंबर की रैली को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA गठबंधन की रैली रामलीला मैदान में प्रस्तावित INDIA गठबंधन की रैली को विपक्षी एकजुटता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस आयोजन के जरिए गठबंधन के घटक दल एक साझा मंच पर अपनी राजनीतिक ताकत और एकजुटता प्रदर्शित करने की तैयारी में हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य रैली से पहले आपसी समन्वय मजबूत करना और आयोजन को लेकर जरूरी तैयारियों पर चर्चा करना रहा। खरगे के आवास पर जुटे गठबंधन के नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई इस बैठक में गठबंधन के नेताओं ने रैली से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। विपक्षी दलों के बीच बेहतर तालमेल, कार्यक्रम की रूपरेखा और रैली के संदेश को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। विपक्षी एकजुटता पर रहेगा जोर INDIA गठबंधन की यह रैली ऐसे समय में होने जा रही है, जब देश की राजनीति में विपक्षी दलों की भूमिका और आपसी एकजुटता लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। गठबंधन के नेता इस मंच के माध्यम से अपनी साझा राजनीतिक प्राथमिकताओं को सामने रख सकते हैं। राजनीतिक जानकारों की नजर भी 1 नवंबर को होने वाली इस रैली पर टिकी हुई है। खास तौर पर यह देखना दिलचस्प होगा कि इस आयोजन में गठबंधन के कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल होते हैं और जनता के बीच क्या राजनीतिक संदेश दिया जाता है। कुल मिलाकर, रामलीला मैदान की रैली से पहले खरगे के आवास पर हुई बैठक को INDIA गठबंधन की तैयारियों की दिशा में एक अहम राजनीतिक गतिविधि माना जा रहा है।

PATNA NEWS: लालू यादव और तेजस्वी यादव दिल्ली रवाना, स्वास्थ्य जांच के साथ 1 नवंबर की INDIA गठबंधन रैली में होंगे शामिल

पटना लालू यादव तेजस्वी यादव दिल्ली दौरा: बिहार की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शुक्रवार को पटना एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुए। दोनों नेताओं के दिल्ली दौरे को स्वास्थ्य जांच और आगामी राजनीतिक कार्यक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने दिल्ली जाने की वजह बताई। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य की जांच करानी है। इसी सिलसिले में दोनों दिल्ली जा रहे हैं। इसके साथ ही 1 नवंबर को आयोजित होने वाली INDIA गठबंधन की रैली में भी शामिल होना है। लालू यादव के स्वास्थ्य की होगी जांच तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि दिल्ली दौरे का एक प्रमुख उद्देश्य लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य की नियमित जांच कराना है। लालू यादव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण चर्चा में रहे हैं। ऐसे में उनकी सेहत को लेकर आरजेडी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की नजरें भी बनी हुई हैं। लालू यादव बिहार की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। उनके राजनीतिक अनुभव और संगठन पर प्रभाव को देखते हुए उनकी सेहत से जुड़ी हर खबर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन जाती है। 1 नवंबर की INDIA गठबंधन रैली में होंगे शामिल दिल्ली दौरे का दूसरा बड़ा कारण 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की रैली है। तेजस्वी यादव ने बताया कि वे इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए भी दिल्ली जा रहे हैं। इस रैली में विपक्षी दलों के नेताओं की मौजूदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिहार में राजनीतिक गतिविधियों के बीच लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की यह यात्रा आरजेडी के साथ-साथ विपक्षी गठबंधन के लिहाज से भी अहम है। राजनीतिक नजरें दिल्ली दौरे पर लालू यादव और तेजस्वी यादव के दिल्ली पहुंचने के बाद स्वास्थ्य जांच और INDIA गठबंधन की रैली में उनकी भागीदारी पर सबकी नजर रहेगी। फिलहाल तेजस्वी यादव ने दौरे के दोनों प्रमुख कारण स्पष्ट कर दिए हैं। मुख्य बातें: लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पटना से दिल्ली रवाना। लालू यादव के स्वास्थ्य की जांच कराई जाएगी। 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की रैली में होंगे शामिल। तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में दी जानकारी।

बद्रीनाथ से लौट रहा हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास क्रैश, 6 लोग थे सवार; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

चमोली (उत्तराखंड)बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर क्रैश: उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। बद्रीनाथ धाम से वापस लौट रहा एक हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास लापता होने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और राहत-बचाव टीमों में हड़कंप मच गया। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत कुल 6 लोग सवार थे। बद्रीनाथ और जोशीमठ के बीच टूटा संपर्क जानकारी के मुताबिक, ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर बद्रीनाथ धाम से वापसी के दौरान अचानक रडार और संपर्क से बाहर हो गया। बद्रीनाथ और जोशीमठ के बीच हेलीकॉप्टर की लोकेशन नहीं मिलने पर प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद तत्काल सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। शुरुआती जानकारी में खराब मौसम को भी संपर्क टूटने की संभावित वजह माना जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्र में मौसम की स्थिति और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत-बचाव अभियान में चुनौतियां सामने आ रही हैं। हेलीकॉप्टर में सवार थे 6 लोग प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर में एक पायलट और पांच यात्री सवार थे। हादसे के बाद सभी की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई। शुरुआती रिपोर्ट में जोशीमठ के चाई गांव के आसपास हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका जताई गई थी। बाद की मीडिया रिपोर्टों में घटनास्थल पर मलबा मिलने और सभी छह लोगों के लापता होने की गंभीर आशंका जताई गई है। प्रशासन और SDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटीं चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि हेलीकॉप्टर की लोकेशन नहीं मिलने की सूचना मिलते ही प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। पुलिस, SDRF, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित टीमें तलाश एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटना पर दुख जताते हुए पूरे घटनाक्रम की निगरानी की बात कही है। उन्होंने अधिकारियों को राहत-बचाव कार्य तेज करने और घायलों को तत्काल बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल इस हादसे को लेकर प्रशासन की कार्रवाई जारी है। हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की स्थिति और हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

बिहार म्यूजियम ने रचा इतिहास! दुनिया के 100 बेहतरीन संग्रहालयों में 9वां स्थान, एशिया में बना नंबर-1

बिहार म्यूजियम पटना: बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। राजधानी पटना स्थित बिहार म्यूजियम ने दुनिया के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालयों की 2026 की सूची में 9वां स्थान हासिल किया है। इतना ही नहीं, एशिया के सभी संग्रहालयों में बिहार म्यूजियम को पहला स्थान मिला है। यह उपलब्धि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है। जर्मनी के म्यूनिख से जुड़े ट्रैवल गाइड प्लेटफॉर्म ‘Worth a Journey’ की ओर से जारी इस वैश्विक रैंकिंग में बिहार म्यूजियम ने दुनिया के कई प्रतिष्ठित संग्रहालयों को पीछे छोड़ दिया है। खास बात यह है कि इस सूची में जगह बनाने वाला बिहार म्यूजियम भारत का एकमात्र संग्रहालय है। दुनिया के बड़े संग्रहालयों को छोड़ा पीछे इस रैंकिंग में बिहार म्यूजियम ने न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध Metropolitan Museum of Art (The Met) को भी पीछे छोड़ दिया है, जिसे 10वां स्थान मिला है। वहीं, पेरिस का मशहूर Louvre Museum 31वें स्थान पर रहा। यह रैंकिंग बिहार की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूती देती है। 2015 में शुरू हुआ था बिहार म्यूजियम पटना के बेली रोड पर स्थित बिहार म्यूजियम की स्थापना वर्ष 2015 में हुई थी। इसका उद्देश्य बिहार के गौरवशाली इतिहास, प्राचीन सभ्यता, कला और पुरातात्विक धरोहरों को आधुनिक तरीके से संरक्षित करना और आम लोगों तक पहुंचाना है। संग्रहालय में प्राचीन मूर्तियों, दुर्लभ सिक्कों, पांडुलिपियों, पुरातात्विक अवशेषों और लोककलाओं का शानदार संग्रह मौजूद है। यहां मौर्यकालीन दीदारगंज यक्षी की प्रसिद्ध प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र है। वर्ष 1917 में पटना के पास मिली यह प्रतिमा भारतीय प्राचीन मूर्तिकला की महत्वपूर्ण धरोहर मानी जाती है। बच्चों और पर्यटकों के लिए भी खास आकर्षण बिहार म्यूजियम में बच्चों के लिए विशेष गैलरी, लोककला से जुड़ी प्रदर्शनी और बिहार के प्रवासी समुदाय के इतिहास को दर्शाने वाली डायस्पोरा गैलरी भी बनाई गई है। इस उपलब्धि से बिहार में पर्यटन को बढ़ावा मिलने और पटना को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है। बिहार म्यूजियम की यह सफलता सिर्फ एक रैंकिंग नहीं, बल्कि राज्य के हजारों वर्षों पुराने इतिहास, कला और संस्कृति का वैश्विक सम्मान है।

PM किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी, 9.34 करोड़ किसानों के खाते में पहुंचे ₹18,690 करोड़

PM किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त: 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से देश के करोड़ों किसानों को बड़ी सौगात दी। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 24वीं किस्त जारी करते हुए देश के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में ₹18,690.32 करोड़ से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की। त्योहार से पहले किसानों के लिए आई इस आर्थिक सहायता को खेती-किसानी से जुड़े परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इस राशि के तहत प्रत्येक पात्र किसान परिवार के खाते में 2,000 रुपये भेजे गए हैं। केंद्र सरकार की इस योजना का उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़े छोटे-मोटे खर्चों के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। हर साल मिलते हैं ₹6,000 की आर्थिक सहायता प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में यानी प्रत्येक चार महीने पर 2,000 रुपये के रूप में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। योजना में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और पैसा सीधे किसानों तक पहुंचता है। किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर पीएम किसान सम्मान निधि योजना देश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बनकर उभरी है। खाद, बीज, कृषि उपकरण और खेती से जुड़ी अन्य जरूरतों को पूरा करने में यह सहायता किसानों के काम आती है। सरकार का मानना है कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से कृषि क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर बिहार के किसानों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया गया। कहा गया कि अन्नदाता किसानों के कल्याण और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए केंद्र सरकार की यह पहल सराहनीय है। त्योहार से पहले मिली इस राशि से बिहार समेत देशभर के किसानों को राहत मिलेगी। ऐसे चेक करें 24वीं किस्त का स्टेटस किसान अपनी किस्त का भुगतान स्टेटस जानने के लिए पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in पर जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं। योजना का लाभ पाने के लिए ई-केवाईसी पूरी होना भी अनिवार्य है।

PATNA NEWS: तेजस्वी यादव का अनंत सिंह पर तंज, बोले- अब वही बताएंगे कैसी चल रही है सरकार

तेजस्वी यादव का अनंत सिंह पर तंज: बिहार की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी के पुराने बयानों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए तंज कसा है। तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में एक बार फिर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो सकती हैं। तेजस्वी यादव ने अनंत सिंह की पत्नी की ओर से पहले लगाए गए उन आरोपों का जिक्र किया, जिनमें उन्होंने सरकार पर अनंत सिंह को फंसाने का आरोप लगाया था। इसी मुद्दे को लेकर तेजस्वी ने अनंत सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वे हमारे यहां से गद्दारी करके गए थे, तब उन्हें सरकार अच्छी लग रही थी। अब वही बताएंगे कि सरकार कैसी चल रही है। तेजस्वी के बयान में दिखा सियासी कटाक्ष तेजस्वी यादव का यह बयान सीधे तौर पर अनंत सिंह के राजनीतिक रुख और उनके पुराने बयानों पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने पुराने घटनाक्रम को याद दिलाते हुए सवाल उठाया कि जब राजनीतिक परिस्थितियां अलग थीं, तब सरकार को लेकर नजरिया कुछ और था, लेकिन अब हालात बदलने के बाद सरकार को लेकर क्या राय है, यह अनंत सिंह ही बेहतर बता सकते हैं। अनंत सिंह और उनकी पत्नी के पुराने आरोपों का जिक्र दरअसल, अनंत सिंह की पत्नी पहले सरकार पर उन्हें फंसाने का आरोप लगा चुकी हैं। तेजस्वी यादव ने इसी बयान को आधार बनाकर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि अब अनंत सिंह ही बताएंगे कि मौजूदा सरकार किस तरह काम कर रही है। बिहार की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में तेजस्वी यादव का यह बयान भी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। अनंत सिंह को लेकर दिया गया उनका तंज आने वाले दिनों में सियासी बहस को और तेज कर सकता है। फिलहाल, तेजस्वी यादव के इस बयान ने बिहार की राजनीति में एक नया मुद्दा जरूर खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि अनंत सिंह इस राजनीतिक टिप्पणी पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।