दिल्ली: CM रेखा गुप्ता ने दिवाली बाजार 2026 का किया उद्घाटन, दृष्टिबाधित बच्चों और युवाओं के लिए कही बड़ी बात

नई दिल्ली रेखा गुप्ता दिवाली बाजार 2026 : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एसोसिएशन के वार्षिक दिवाली बाजार 2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने एसोसिएशन के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए दृष्टिबाधित लोगों, बच्चों और युवाओं के विकास को लेकर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए और इसके लिए सरकार के साथ सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एसोसिएशन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह संस्था पिछले करीब 80 वर्षों से दृष्टिबाधित लोगों के लिए लगातार काम कर रही है। इतने लंबे समय तक समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा करना सराहनीय है। उन्होंने संस्था के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे संगठनों का योगदान समाज को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दृष्टिबाधित लोगों के लिए बेहतर सुविधाओं पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें और विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे। उन्होंने विशेष रूप से दिव्यांगजनों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। बच्चों और युवाओं के लिए मिलकर काम करने की अपील रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी इच्छा है कि दिल्ली सरकार और एसोसिएशन मिलकर बच्चों और युवाओं के भविष्य के लिए काम करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को शिक्षा, अवसर और आगे बढ़ने के लिए जरूरी सहयोग मिलना चाहिए। सरकारी प्रयासों के साथ सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी से इस दिशा में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। दिवाली बाजार 2026 के उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री का यह संदेश सामाजिक भागीदारी और समावेशी विकास पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम के माध्यम से दृष्टिबाधित लोगों के लिए काम कर रही संस्था के योगदान को भी सामने लाया गया। मुख्यमंत्री ने सरकार और सामाजिक संगठनों के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया, ताकि बच्चों, युवाओं और दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सकें।

OnePlus की फेस्टिव सेल बढ़ी! स्मार्टफोन, टैबलेट और ईयरबड्स पर मिल रही शानदार छूट, जानें नए दाम

OnePlus Festive Sale: त्योहारी सीजन के दौरान स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। OnePlus India ने अपनी फेस्टिव सेल की कीमतों को आगे बढ़ा दिया है। इस सेल के तहत कंपनी के स्मार्टफोन, टैबलेट और ईयरबड्स पर आकर्षक छूट दी जा रही है। खास बात यह है कि कुछ डिवाइस पर बैंक डिस्काउंट के साथ अतिरिक्त कीमत में कटौती का भी फायदा मिल रहा है। अगर आप नया स्मार्टफोन, प्रीमियम टैबलेट या बेहतर साउंड क्वालिटी वाले ईयरबड्स खरीदना चाहते हैं, तो यह ऑफर आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। OnePlus स्मार्टफोन पर मिल रही छूट OnePlus 15 को 81,999 रुपये की प्रभावी कीमत पर खरीदा जा सकता है। इस पर 3,000 रुपये का इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट दिया जा रहा है। यह प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन खरीदने वालों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। वहीं, OnePlus 15R की कीमत 57,999 रुपये रखी गई है। इस पर 2,000 रुपये का बैंक डिस्काउंट मिल रहा है। इसके अलावा OnePlus 13s (16GB RAM + 512GB स्टोरेज) की कीमत 61,999 रुपये है। इसमें 3,000 रुपये का बैंक डिस्काउंट और 5,000 रुपये की सीधी कीमत में कटौती शामिल है। मिड-रेंज सेगमेंट में OnePlus Nord 6 को 42,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। इस पर 2,000 रुपये की बैंक छूट मिल रही है। वहीं, Nord CE 6 की कीमत 32,999 रुपये और Nord CE 6 Lite (8GB + 128GB) की कीमत 25,999 रुपये है। दोनों पर बैंक डिस्काउंट का लाभ दिया जा रहा है। OnePlus Pad और ईयरबड्स पर भी ऑफर स्मार्टफोन के अलावा कंपनी के टैबलेट और ऑडियो प्रोडक्ट्स पर भी छूट मिल रही है। OnePlus Pad 4 (8GB + 256GB) की कीमत 58,999 रुपये है। इस पर 4,000 रुपये का बैंक डिस्काउंट और फ्री OnePlus Stylo Pro बंडल मिल रहा है। ईयरबड्स की बात करें तो OnePlus Buds Pro 3 की कीमत 8,999 रुपये, OnePlus Nord Buds 4 Pro की कीमत 3,799 रुपये और OnePlus Buds 4 की कीमत 5,599 रुपये रखी गई है। कहां से खरीदें? ग्राहक इन ऑफर्स का लाभ OnePlus की आधिकारिक वेबसाइट और Amazon के माध्यम से उठा सकते हैं। हालांकि, बैंक ऑफर, उपलब्धता और प्रभावी कीमतें खरीदारी की शर्तों के अनुसार बदल सकती हैं। कुल मिलाकर, OnePlus की बढ़ाई गई फेस्टिव सेल स्मार्टफोन और गैजेट खरीदने वाले ग्राहकों के लिए अच्छा मौका लेकर आई है। अगर आप अपना पुराना फोन अपग्रेड करना चाहते हैं या नया टैबलेट और ईयरबड्स खरीदना चाहते हैं, तो खरीदारी से पहले सभी ऑफर्स और बैंक डिस्काउंट की शर्तें जरूर जांच लें।

IDBI बैंक विनिवेश पर निर्मला सीतारमण का कांग्रेस पर हमला, UPA सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

IDBI बैंक के विनिवेश को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कांग्रेस और पूर्ववर्ती UPA सरकार पर निशाना साधते हुए बैंकिंग व्यवस्था के कामकाज को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार के दौरान बैंकों और वित्तीय संस्थानों का इस्तेमाल निजी संस्थाओं की तरह किया जाता था। वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय बैंक कर्मचारियों पर अपनी मर्जी के मुताबिक लोगों को कर्ज देने का दबाव बनाया जाता था। इस प्रक्रिया में कर्ज देने से जुड़े जरूरी नियमों और सावधानियों को भी नजरअंदाज किया जाता था। बैंकों पर दबाव बनाने का लगाया आरोप निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंक और वित्तीय संस्थान देश की आर्थिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन संस्थानों को पेशेवर तरीके से काम करना चाहिए और कर्ज देने के फैसले तय नियमों के आधार पर होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि UPA सरकार के कार्यकाल में बैंकिंग संस्थानों पर अनुचित दबाव बनाया जाता था, जिससे उनकी कार्यप्रणाली प्रभावित होती थी। IDBI बैंक विनिवेश को लेकर सियासत तेज दरअसल, IDBI बैंक के विनिवेश को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। इसी मुद्दे पर वित्त मंत्री ने कांग्रेस की पिछली सरकार के बैंकिंग रिकॉर्ड पर सवाल उठाए हैं। उनके बयान के बाद बैंकिंग क्षेत्र में सरकार की नीतियों और पूर्ववर्ती सरकारों के फैसलों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है। कांग्रेस और UPA सरकार पर साधा निशाना वित्त मंत्री के आरोपों का मुख्य केंद्र यह रहा कि सरकारी बैंकों को राजनीतिक या निजी हितों के बजाय देश की आर्थिक जरूरतों के अनुसार काम करना चाहिए। बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सही तरीके से कर्ज वितरण को जरूरी बताते हुए उन्होंने पिछली सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। फिलहाल IDBI बैंक विनिवेश का मुद्दा केवल आर्थिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और सरकार का पक्ष चर्चा के केंद्र में रह सकता है।

दिल्ली में SIR की तारीख बढ़ी, अब 25 नवंबर तक दर्ज करा सकेंगे दावा-आपत्ति

दिल्ली SIR तारीख बढ़ी: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने SIR की समय-सीमा में बदलाव करते हुए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने या किसी प्रकार की त्रुटि को लेकर दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। अब दिल्ली के मतदाता 25 नवंबर तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। चुनाव आयोग के इस फैसले से उन लोगों को अतिरिक्त समय मिलेगा, जो किसी कारणवश निर्धारित समय के भीतर अपनी जानकारी अपडेट नहीं करा पाए थे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में योग्य मतदाताओं को मतदान करने में किसी तरह की परेशानी न हो। 15 दिसंबर तक जारी रहेगी नोटिस और निपटारे की प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख 25 नवंबर निर्धारित की गई है। वहीं, नोटिस जारी करने और प्राप्त दावों एवं आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 15 दिसंबर तक जारी रहेगी। इस दौरान निर्वाचन अधिकारियों की ओर से प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों की जांच की जाएगी। मतदाता सूची में नाम, पता और अन्य जरूरी जानकारियों से जुड़ी शिकायतों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत समाधान किया जाएगा। 22 दिसंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची दिल्ली में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद 22 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मतदाता अपनी जानकारी अंतिम सूची में जांच सकेंगे। चुनाव आयोग की ओर से जारी संशोधित कार्यक्रम के तहत मतदाताओं को अपनी जानकारी सही कराने का अतिरिक्त अवसर दिया गया है। इसलिए जिन लोगों को मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरण को लेकर कोई समस्या है, वे निर्धारित समय के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। मतदाताओं के लिए जरूरी है यह प्रक्रिया विशेष गहन पुनरीक्षण का मकसद मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें मौजूद गलतियों को दूर करना है। आयोग की इस पहल से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि योग्य मतदाताओं के नाम सूची में शामिल रहें और मतदाता विवरण सही हों। दिल्ली में SIR की नई समय-सीमा के अनुसार 25 नवंबर तक दावा-आपत्ति, 15 दिसंबर तक उनके निपटारे और 22 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

PATNA NEWS: अनंत सिंह का नीतीश कुमार पर बड़ा हमला, बोले- ‘नीतीश जी पहले से ही गड़बड़ हो गए थे’

अनंत सिंह का नीतीश कुमार पर बयान: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व विधायक अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद बिहार के सियासी गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। अनंत सिंह ने अपने बयान में कहा कि पार्टी में जब तक नीतीश कुमार सही थे, तब तक कोई परेशानी नहीं हुई। लेकिन उन्होंने यह भी दावा किया कि नीतीश कुमार आज से नहीं, बल्कि पहले से ही गड़बड़ हो गए थे। अनंत सिंह के इस बयान को नीतीश कुमार के नेतृत्व और पार्टी के अंदरूनी हालात पर सीधे सवाल के तौर पर देखा जा रहा है। ‘हमने कभी किसी की दलाली नहीं की’ अनंत सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी की दलाली नहीं की। इसी वजह से उनकी बात पार्टी में नहीं चली। उन्होंने नीरज कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी बात नहीं मानी गई, जबकि नीरज कुमार की बात चल गई। उनके इस बयान से पार्टी के भीतर कथित तौर पर चल रही खींचतान और नेताओं के बीच मतभेद को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अनंत सिंह ने जिन परिस्थितियों का जिक्र किया है, उन्हें लेकर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। बिहार की राजनीति में बढ़ सकती है बयानबाजी अनंत सिंह का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब बिहार की राजनीति में नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। उनके बयान ने नीतीश कुमार के नेतृत्व, पार्टी के अंदर नेताओं की भूमिका और राजनीतिक फैसलों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि अनंत सिंह ने अपने बयान में सीधे तौर पर नीतीश कुमार और नीरज कुमार का नाम लिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस बयान पर दूसरे राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रिया भी देखने को मिल सकती है। फिलहाल अनंत सिंह के इस बयान ने बिहार की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि जेडीयू की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है और क्या यह बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक विवाद का नया मुद्दा बनता है।

आखिरी सांस तक देश की जनता की सेवा करूंगा: PM मोदी का बड़ा बयान

पीएम मोदी का बयान: प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को एक बयान देते हुए कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक देश की जनता की सेवा करते रहेंगे। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक चर्चा हो रही है। पीएम मोदी के इस बयान को खड़गे की टिप्पणी के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि उनका जीवन देश की जनता की सेवा के लिए समर्पित है और वह जीवन के अंतिम क्षण तक इसी उद्देश्य के साथ काम करते रहेंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर सियासी बयानबाजी चर्चा का विषय बन गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान राजनीतिक चर्चा में है। खड़गे ने हाल ही में एक बयान दिया था, जिसके बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी बयानबाजी देखने को मिल रही है। पीएम मोदी के बयान की खास बातें: प्रधानमंत्री ने आखिरी सांस तक जनता की सेवा करने की बात कही। उन्होंने देश की जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। खड़गे की टिप्पणी के बाद मोदी के बयान को राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है। इस बयान से बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस फिर चर्चा में आ गई है। राजनीतिक बयानबाजी के बीच पीएम मोदी का यह संदेश देश की जनता की सेवा के प्रति उनके संकल्प को सामने रखता है। इस बयान को लेकर आने वाले समय में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल सकती हैं।

भूटान में ग्लेशियर झील फटने से बाढ़ का खतरा, बंगाल-असम में अलर्ट; 15 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए

भूटान ग्लेशियर झील फटी: भूटान में ग्लेशियर झील फटने की घटना के बाद अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। इस घटना को देखते हुए भारत के पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। संभावित खतरे को देखते हुए एहतियातन करीब 15 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, भूटान में एक ग्लेशियर झील फटने के बाद पानी का तेज बहाव निचले इलाकों की ओर बढ़ने की आशंका जताई गई है। इस तरह की घटनाओं को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) कहा जाता है। इसमें ग्लेशियर से बनी झील का प्राकृतिक बांध टूटने के कारण अचानक बड़ी मात्रा में पानी बाहर निकलता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ आ सकती है। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार समेत सीमावर्ती इलाकों और असम के प्रभावित हो सकने वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है। 15 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। करीब 15 हजार लोगों को जोखिम वाले इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। लोगों को नदियों और निचले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है, ताकि पानी का स्तर बढ़ने या बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर तत्काल राहत और बचाव अभियान चलाया जा सके। क्यों खतरनाक होती है ग्लेशियर झील का फटना? ग्लेशियर झील फटने की घटनाएं अचानक और बेहद खतरनाक हो सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में ग्लेशियर पिघलने से झीलों का आकार बढ़ता है। जब इन झीलों का प्राकृतिक बांध टूटता है तो पानी तेज गति से नीचे की ओर बहता है। इसका असर नदियों के किनारे बसे गांवों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों पर पड़ सकता है। प्रशासन की लोगों से सतर्क रहने की अपील भूटान की इस घटना के बाद बंगाल और असम के सीमावर्ती इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों को प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोकना है।

BIHAR NEWS: पूर्व राज्यसभा सांसद आर. के. सिन्हा के निधन पर शोक, नेताओं ने जताया दुख

पटना आर. के. सिन्हा का निधन: जनसंघ एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद आर. के. सिन्हा के निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। उनके निधन पर कई नेताओं और शुभचिंतकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। नेताओं ने उनके व्यक्तित्व, संगठन के प्रति समर्पण और सार्वजनिक जीवन में दिए गए योगदान को याद किया। आर. के. सिन्हा को जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता था। उन्होंने लंबे समय तक संगठन और सार्वजनिक जीवन में अपनी भूमिका निभाई। उनके अनुभव, विचारों और मार्गदर्शन को संगठन के कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। संगठन के प्रति समर्पण को किया याद उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए नेताओं ने कहा कि आर. के. सिन्हा का स्नेह, अनुभव और मार्गदर्शन हमेशा याद किया जाएगा। संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और विचारों के प्रति उनका समर्पण उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान रही। उनके साथ काम करने वाले लोगों के लिए उनका मार्गदर्शन हमेशा प्रेरणादायक रहा। नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र ने एक अनुभवी व्यक्तित्व को खो दिया है। शोकाकुल परिवार के प्रति जताई संवेदना आर. के. सिन्हा के निधन पर शोक संदेश जारी करते हुए नेताओं ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही उनके परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों को इस कठिन समय में दुख सहन करने की शक्ति देने की कामना की। उनके निधन की खबर से समर्थकों और परिचितों के बीच भी दुख का माहौल है। लोग उन्हें उनके सार्वजनिक जीवन, संगठनात्मक अनुभव और सरल व्यवहार के लिए याद कर रहे हैं। आर. के. सिन्हा का निधन उनके परिवार के साथ-साथ उन सभी लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है, जिन्हें उनके स्नेह और मार्गदर्शन का लाभ मिला। उनका योगदान और उनकी स्मृतियां हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेंगी। ॐ शांति!

PATNA NEWS: अनंत सिंह की जमानत रद्द होने पर नीरज कुमार का बयान, बोले- सरकार की कोई भूमिका नहीं

अनंत सिंह की जमानत रद्द: सुप्रीम कोर्ट द्वारा दुलारचंद यादव हत्याकांड में मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह की जमानत रद्द किए जाने के बाद बिहार की राजनीति में इस मामले को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच जेडीयू नेता नीरज कुमार ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि अनंत सिंह की जमानत रद्द होने के मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है और न ही सरकार का इससे कोई लेना-देना है। नीरज कुमार ने कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता वह नहीं हैं, बल्कि दुलारचंद यादव के परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाया है। ऐसे में इस पूरी कानूनी प्रक्रिया को सरकार या किसी राजनीतिक व्यक्ति से जोड़ना सही नहीं है। न्यायपालिका पर पूरा भरोसा: नीरज कुमार नीरज कुमार ने कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। न्यायालय ने उपलब्ध तथ्यों और कानूनी पहलुओं के आधार पर अपना फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए और इस मामले में कानून को अपना काम करने देना चाहिए। सरकार को बदनाम करने की साजिश का लगाया आरोप नीरज कुमार ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है। उनके मुताबिक, इस मामले को सरकार से जोड़कर उसे बदनाम करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि यह मामला न्यायालय और याचिकाकर्ता परिवार के बीच की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की अनंत सिंह की जमानत गौरतलब है कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। शीर्ष अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, नीरज कुमार ने अपने बयान के जरिए स्पष्ट किया है कि इस मामले में सरकार की कोई भूमिका नहीं है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

PATNA NEWS: दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की जमानत; 1 दिसंबर तक सरेंडर का आदेश

अनंत सिंह जमानत रद्द: बिहार के चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में पूर्व विधायक अनंत सिंह को बड़ा कानूनी झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पटना हाईकोर्ट से मिली अनंत सिंह की जमानत रद्द कर दी है। इसके साथ ही अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति और कानूनी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की जमानत दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इस जमानत को चुनौती दिए जाने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट से मिली जमानत को रद्द करने का फैसला सुनाया। इस आदेश के बाद अनंत सिंह के सामने दोबारा कानूनी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक संबंधित अदालत के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया है। यानी निर्धारित समयसीमा के भीतर उन्हें आत्मसमर्पण करना होगा। इस फैसले के बाद अब सबकी नजरें अनंत सिंह के अगले कानूनी कदम पर टिकी हैं। क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड? दुलारचंद यादव की हत्या का मामला बिहार में काफी चर्चा में रहा है। इस मामले में अनंत सिंह का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी काफी हलचल देखने को मिली थी। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को अनंत सिंह के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। खासकर बिहार की राजनीति में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब देखना होगा कि अनंत सिंह निर्धारित तारीख तक सरेंडर करते हैं और आगे इस मामले में कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दुलारचंद यादव हत्याकांड एक बार फिर बिहार की सबसे चर्चित खबरों में शामिल हो गया है।