IAS आनंद किशोर ED पूछताछ: बिहार में चर्चित टेंडर घोटाला मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए वरिष्ठ IAS अधिकारी आनंद किशोर निर्धारित समय पर ED के सामने पेश नहीं हुए। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने जांच एजेंसी से पूछताछ के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है। ED ने उनकी इस मांग को स्वीकार कर लिया है। अब आनंद किशोर से अगले सप्ताह पूछताछ होने की संभावना है।
यह मामला रिशुश्री प्रकरण से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है। जांच के सिलसिले में ED ने IAS आनंद किशोर को पूछताछ के लिए तलब किया था। एजेंसी उनसे इस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी हासिल करना चाहती है। हालांकि, निर्धारित तारीख पर उनके पेश नहीं होने के बाद एक सप्ताह का समय मांगे जाने की बात सामने आई है।
अगले सप्ताह IAS अधिकारियों से होगी पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, ED ने आनंद किशोर को एक सप्ताह की मोहलत दे दी है। अब अगले सप्ताह उनसे पूछताछ की जाएगी। इसके साथ ही IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर को भी जांच एजेंसी के सामने पूछताछ के लिए उपस्थित होना है।
इस तरह आने वाले सप्ताह में दोनों वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से पूछताछ इस मामले की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। ED यह जानने की कोशिश करेगी कि कथित टेंडर घोटाले से जुड़े फैसलों, प्रक्रियाओं और अन्य गतिविधियों में किन लोगों की क्या भूमिका रही है।
क्या है पूरा मामला?
टेंडर घोटाला मामले में ED की जांच का उद्देश्य कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल करना है। जांच एजेंसी संबंधित अधिकारियों से पूछताछ कर यह समझने की कोशिश कर सकती है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान किन नियमों का पालन किया गया और कहीं किसी स्तर पर गड़बड़ी तो नहीं हुई।
हालांकि, इस मामले में IAS आनंद किशोर और IAS योगेश कुमार सागर की भूमिका को लेकर जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं। केवल पूछताछ के लिए बुलाए जाने को किसी अधिकारी के दोषी होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
फिलहाल सभी की नजरें अगले सप्ताह होने वाली ED की पूछताछ पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि अधिकारियों से पूछताछ के बाद जांच से जुड़े कुछ नए तथ्य सामने आ सकते हैं। अब देखना होगा कि प्रवर्तन निदेशालय की जांच आगे क्या दिशा लेती है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।