भूटान में ग्लेशियर झील फटने से बाढ़ का खतरा, बंगाल-असम में अलर्ट; 15 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए

भूटान ग्लेशियर झील फटी: भूटान में ग्लेशियर झील फटने की घटना के बाद अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। इस घटना को देखते हुए भारत के पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। संभावित खतरे को देखते हुए एहतियातन करीब 15 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, भूटान में एक ग्लेशियर झील फटने के बाद पानी का तेज बहाव निचले इलाकों की ओर बढ़ने की आशंका जताई गई है। इस तरह की घटनाओं को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) कहा जाता है। इसमें ग्लेशियर से बनी झील का प्राकृतिक बांध टूटने के कारण अचानक बड़ी मात्रा में पानी बाहर निकलता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ आ सकती है।

इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार समेत सीमावर्ती इलाकों और असम के प्रभावित हो सकने वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है।

15 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। करीब 15 हजार लोगों को जोखिम वाले इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। लोगों को नदियों और निचले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।

प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है, ताकि पानी का स्तर बढ़ने या बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर तत्काल राहत और बचाव अभियान चलाया जा सके।

क्यों खतरनाक होती है ग्लेशियर झील का फटना?

ग्लेशियर झील फटने की घटनाएं अचानक और बेहद खतरनाक हो सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में ग्लेशियर पिघलने से झीलों का आकार बढ़ता है। जब इन झीलों का प्राकृतिक बांध टूटता है तो पानी तेज गति से नीचे की ओर बहता है। इसका असर नदियों के किनारे बसे गांवों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों पर पड़ सकता है।

प्रशासन की लोगों से सतर्क रहने की अपील

भूटान की इस घटना के बाद बंगाल और असम के सीमावर्ती इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों को प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है।

फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोकना है।

Latest