अनंत सिंह की जमानत रद्द: सुप्रीम कोर्ट द्वारा दुलारचंद यादव हत्याकांड में मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह की जमानत रद्द किए जाने के बाद बिहार की राजनीति में इस मामले को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच जेडीयू नेता नीरज कुमार ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि अनंत सिंह की जमानत रद्द होने के मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है और न ही सरकार का इससे कोई लेना-देना है।
नीरज कुमार ने कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता वह नहीं हैं, बल्कि दुलारचंद यादव के परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाया है। ऐसे में इस पूरी कानूनी प्रक्रिया को सरकार या किसी राजनीतिक व्यक्ति से जोड़ना सही नहीं है।
न्यायपालिका पर पूरा भरोसा: नीरज कुमार
नीरज कुमार ने कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। न्यायालय ने उपलब्ध तथ्यों और कानूनी पहलुओं के आधार पर अपना फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए और इस मामले में कानून को अपना काम करने देना चाहिए।
सरकार को बदनाम करने की साजिश का लगाया आरोप
नीरज कुमार ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है। उनके मुताबिक, इस मामले को सरकार से जोड़कर उसे बदनाम करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि यह मामला न्यायालय और याचिकाकर्ता परिवार के बीच की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा है।
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की अनंत सिंह की जमानत
गौरतलब है कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। शीर्ष अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, नीरज कुमार ने अपने बयान के जरिए स्पष्ट किया है कि इस मामले में सरकार की कोई भूमिका नहीं है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।