तेजस्वी यादव का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, बिहार और बंगाल में फिर चुनाव की मांग

पटना, 23 सितंबर 2026: राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बुधवार को पटना स्थित अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों के अधिकार क्षेत्र को कम किया गया और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े कई सवाल सामने आए हैं।

तेजस्वी यादव ने हालिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग के भीतर भी कुछ निर्णयों और विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर आपत्तियां सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कई मामलों में आपत्तियां दर्ज कराई थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में SIR के दौरान राष्ट्रीय जनता दल ने शुरुआत से ही मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए थे और इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया गया था। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आना चाहिए।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। तेजस्वी के मुताबिक, पहले इस प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की भूमिका थी, लेकिन बाद में व्यवस्था में बदलाव किया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर जनता के बीच उठ रहे सवालों का समाधान जरूरी है।

तेजस्वी यादव ने बिहार और पश्चिम बंगाल में हुए चुनावों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और दोनों राज्यों में दोबारा चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया में सत्ता पक्ष को लाभ पहुंचाने के लिए संस्थाओं के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आई हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर शिकायत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। प्रेस वार्ता में राजद नेता शक्ति सिंह यादव और एजाज अहमद भी मौजूद रहे।

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