शिवसेना चुनाव चिह्न विवाद: संजय निरुपम बोले- सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में आने की उम्मीद

मुंबई में शिवसेना के चुनाव चिह्न और पार्टी की आधिकारिक पहचान को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई के बीच शिवसेना नेता संजय निरुपम ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के अंतिम नतीजे को लेकर उन्हें भरोसा है कि फैसला उनकी पार्टी के पक्ष में आएगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अभी इस मामले में अंतिम फैसला नहीं सुनाया है और अगली सुनवाई 22 सितंबर को निर्धारित है। निरुपम ने अपने बयान में 2022 में शिवसेना में हुए विभाजन और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुए विद्रोह का उल्लेख किया। उनका कहना है कि शिंदे के समर्थन में बड़ी संख्या में विधायक, सांसद और पार्टी कार्यकर्ता सामने आए थे। निरुपम के अनुसार, यह घटनाक्रम उनके गुट के दावे को मजबूत करता है। उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के परिणामों को भी अपने पक्ष में एक महत्वपूर्ण आधार बताया। निरुपम का दावा है कि चुनाव में मतदाताओं ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को समर्थन दिया और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) को अलग जनादेश मिला। उनके मुताबिक, यह चुनावी परिणाम 2022 के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद जनता की प्रतिक्रिया को समझने का एक आधार है। इस विवाद में चुनाव आयोग ने 2023 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को शिवसेना का नाम और ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न आवंटित किया था। इसी फैसले को उद्धव ठाकरे गुट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाल की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के निर्णय से जुड़े कई अहम सवाल उठाए हैं। अदालत ने पूछा कि यदि उपलब्ध मानदंड स्पष्ट नहीं थे, तो दोनों गुटों को आरक्षित चुनाव चिह्न देने से इनकार करने के विकल्प पर विचार क्यों नहीं किया गया। ऐसे में शिवसेना के नाम और ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल दोनों पक्ष अदालत के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।

केरल में ड्रग्स के खिलाफ ऑपरेशन तूफान का दूसरा चरण, अब पुनर्वास और जागरूकता पर जोर

तिरुवनंतपुरम। केरल में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन तूफान’ को अब दूसरे चरण में ले जाने की तैयारी है। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बताया कि अभियान के अगले चरण में ड्रग्स की सप्लाई और डिमांड को कम करने के साथ-साथ नशे की गिरफ्त में आए लोगों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस चरण को ‘तूफान केयर’ नाम दिया गया है। गृह मंत्री के अनुसार, ऑपरेशन तूफान के पहले चरण के दौरान राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि अब सरकार अभियान को आगे बढ़ाते हुए पुनर्वास से जुड़े प्रयासों को मजबूत करेगी, ताकि नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने में मदद मिल सके। उन्होंने बताया कि इस अभियान में केरल के स्थानीय निकायों को भी शामिल किया जा रहा है। पंचायतों और अन्य स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से बड़े स्तर पर ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की योजना है। इसका उद्देश्य आम लोगों, खासकर युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। रमेश चेन्निथला ने यह भी जानकारी दी कि नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच के लिए एक नई नारकोटिक्स इन्वेस्टिगेशन टीम तैयार की गई है। यह टीम ड्रग्स की तस्करी और इससे जुड़े नेटवर्क की पहचान करने में पुलिस और जांच एजेंसियों की मदद करेगी। सरकार का जोर ऐसे लोगों तक पहुंचने पर है, जो कथित तौर पर नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े होने के बावजूद जांच से बचने की कोशिश कर रहे हैं। गृह मंत्री ने दक्षिण भारत के राज्यों के बीच बढ़ते समन्वय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों की एजेंसियां आपसी सहयोग के साथ नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के प्रयास कर रही हैं। चेन्निथला ने दावा किया कि केरल में ड्रग्स के दुरुपयोग में 20 से 30 प्रतिशत तक कमी देखने को मिली है। हालांकि, इस आंकड़े का आधार और मापने की पद्धति उन्होंने इस बयान में विस्तार से नहीं बताई। अब ‘तूफान केयर’ के जरिए सरकार का फोकस कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता, रोकथाम और पुनर्वास पर भी रखने की तैयारी है।

पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप; खाली कराया जा रहा परिसर

पटना: राजधानी पटना स्थित सिविल कोर्ट को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। धमकी की सूचना सामने आते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो गईं। एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जानकारी के अनुसार, पटना सिविल कोर्ट को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। ई-मेल की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस टीम और सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। साथ ही पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा टीमों की ओर से कोर्ट भवन, आसपास के हिस्सों और संदिग्ध स्थानों की जांच की जा रही है। किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा मानकों के तहत आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। धमकी की खबर फैलने के बाद कोर्ट में मौजूद अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और अन्य लोगों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया। पुलिस की ओर से लोगों से संयम बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की जा रही है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां ई-मेल के स्रोत और धमकी की गंभीरता की जांच में जुटी हैं। यह धमकी वास्तविक है या किसी ने अफवाह फैलाने अथवा दहशत पैदा करने के उद्देश्य से भेजी है, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। प्रशासन की प्राथमिकता कोर्ट परिसर और वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। तलाशी अभियान पूरा होने तथा सुरक्षा जांच के बाद ही परिसर में सामान्य गतिविधियों को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

पठानकोट में रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर कथित हमले को लेकर सियासत तेज, राघव चड्ढा ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल

पठानकोट, पंजाब। पठानकोट के पास भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर कथित हमले को लेकर पंजाब की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा सांसद राघव चड्ढा ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि AAP घबराई और डरी हुई है, इसलिए भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। चड्ढा ने कहा कि यह घटना केवल राजनीतिक टकराव का मामला नहीं है, बल्कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े करती है। राघव चड्ढा के मुताबिक, रवनीत सिंह बिट्टू पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं और उन्हें Z-प्लस सुरक्षा प्राप्त है। ऐसे में उनके काफिले के साथ कथित घटना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि यदि इतनी उच्च स्तर की सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के साथ ऐसी घटना हो सकती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा होती है। हालांकि, राघव चड्ढा की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप उनके बयान और दावे के तौर पर ही सामने आए हैं। घटना के वास्तविक कारणों, इसमें शामिल लोगों और जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक जांच या पुलिस की पुष्टि का इंतजार किया जाना जरूरी है। पठानकोट के पास हुई इस कथित घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक माहौल दोनों चर्चा में हैं। भाजपा की ओर से जहां इसे कानून-व्यवस्था से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं पूरे मामले में तथ्य सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। घटना ने एक बार फिर पंजाब में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई और जांच की आगे की दिशा पर टिकी हैं।

ICC Global Business Summit 2026 में हिमंत बिस्वा सरमा बोले, बदलते वैश्विक माहौल में भारत के लिए बड़ा अवसर

नई दिल्ली। ICC Global Business Summit 2026 को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत के सामने मौजूद संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया में उत्पादन, निवेश और नवाचार के लिए नए केंद्रों की तलाश बढ़ रही है और ऐसे समय में भारत के पास अपनी आर्थिक क्षमता को और विस्तार देने का महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक स्तर पर कारोबारी परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। कंपनियां अब उत्पादन और निवेश के लिए नए स्थानों के साथ-साथ मजबूत साझेदारियों की तलाश कर रही हैं। ऐसे माहौल में भारत अपनी विशाल अर्थव्यवस्था, उद्यमिता और अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद क्षमताओं के जरिए वैश्विक मूल्य श्रृंखला में अपनी भूमिका को और मजबूत कर सकता है। हिमंत बिस्वा सरमा के मुताबिक, भारत की अगली विकास यात्रा केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों या बड़े औद्योगिक केंद्रों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। देश की आर्थिक प्रगति के अगले चरण में ज्यादा से ज्यादा राज्यों, क्षेत्रों और उद्यमों को राष्ट्रीय तथा वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ना अहम होगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्रीय स्तर पर मौजूद कारोबारी और औद्योगिक क्षमता को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत है। इससे स्थानीय उद्यमों को नए बाजार मिल सकते हैं और निवेश तथा रोजगार के अवसरों का विस्तार हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक उत्पादन और निवेश के बदलते रुझानों का लाभ उठाने के लिए भारत को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भागीदारी बढ़ानी होगी। इसके लिए राज्यों और उद्यमों के बीच बेहतर समन्वय तथा वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ICC Global Business Summit 2026 में दिया गया यह संबोधन भारत की आर्थिक विकास रणनीति में क्षेत्रीय भागीदारी और वैश्विक जुड़ाव के महत्व को रेखांकित करता है। बदलते अंतरराष्ट्रीय कारोबारी माहौल के बीच भारत के सामने मौजूद अवसरों को व्यापक स्तर पर इस्तेमाल करने की दिशा में राज्यों और उद्योगों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।

गुरुग्राम गोल्फ कोर्स हादसा: पीड़ित परिवार ने बाकी दो लोगों की जल्द गिरफ्तारी की मांग

दिल्ली/गुरुग्राम। गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स से जुड़े हादसे के मामले में पीड़ित परिवार ने जांच को लेकर अपनी मांगें सामने रखी हैं। पीड़िता सिया के भाई ने कहा कि परिवार का उद्देश्य किसी भी तरह का जातिगत विवाद खड़ा करना नहीं है। उनका कहना है कि वे केवल अपराध के खिलाफ न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और चाहते हैं कि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो। पीड़िता के भाई ने बताया कि परिवार की मुख्य मांग मामले में बचे हुए दो लोगों की जल्द गिरफ्तारी है। उनके मुताबिक, शिवानी की ओर से दिए गए बयान में वाहन में कुल चार लोगों के मौजूद होने की बात सामने आई है। परिवार का कहना है कि जिन दो लोगों की गिरफ्तारी अभी बाकी है, उन्हें जल्द से जल्द पकड़कर कानून के सामने पेश किया जाना चाहिए। परिवार के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की रिमांड के बाद आज पहली बार अदालत में पेशी हो रही है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और मामले में क्या कार्रवाई होगी, इसका फैसला अदालत के स्तर पर होना है। परिवार ने न्यायिक प्रक्रिया में भरोसा जताते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच हो। पीड़िता के भाई ने क्लब से जुड़े कुछ वीडियो का भी उल्लेख किया। उनका दावा है कि सामने आए वीडियो में संबंधित लोगों के रातभर क्लब में पार्टी करने और सुबह वहां से निकलने की बात दिखाई देती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इन वीडियो से जुड़ी जानकारी की उन्हें अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है। परिवार की मांग है कि जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी उपलब्ध साक्ष्यों की गंभीरता से जांच करें। इसमें क्लब की पूरी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य संबंधित साक्ष्य भी शामिल हैं। परिवार का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच एजेंसियों को घटनाक्रम से जुड़े पूरे साक्ष्य की जांच करनी चाहिए। मामले में आगे की कार्रवाई अदालत और जांच एजेंसियों की प्रक्रिया के आधार पर तय होगी। परिवार ने उम्मीद जताई है कि जांच के दौरान सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा और यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

महाराष्ट्र में किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस का मोर्चा, विजय वडेट्टीवार ने सरकार से की राहत की मांग

नागपुर, महाराष्ट्र। महाराष्ट्र में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा शुरू करने की बात कही है। नागपुर में कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने किसानों की आर्थिक स्थिति और कथित तौर पर बढ़ती परेशानियों को लेकर सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में किसान मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं और उन्हें सरकारी स्तर पर पर्याप्त मदद नहीं मिल रही है। विजय वडेट्टीवार के मुताबिक, किसानों की समस्याओं को देखते हुए सरकार को प्रभावित क्षेत्रों में सूखा और अकाल घोषित करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने किसानों के लिए 50 हजार रुपये के मुआवजे की मांग भी रखी। उनका कहना है कि आर्थिक सहायता मिलने से संकट से जूझ रहे किसानों को कुछ राहत मिल सकती है और वे अपनी खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। कांग्रेस विधायक ने किसानों की कर्ज संबंधी समस्याओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि किसानों का कर्ज माफ किया जाए, ताकि आर्थिक दबाव कम हो सके। वडेट्टीवार ने कहा कि किसानों से जुड़े इन मुद्दों को लेकर ही कांग्रेस की ओर से मोर्चा शुरू किया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसानों की गंभीर समस्याओं और आत्महत्या जैसे मामलों को लेकर सरकार की ओर से अपेक्षित स्तर पर चिंता नहीं दिखाई जा रही है। हालांकि, ये वडेट्टीवार द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और सरकार का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है। वडेट्टीवार ने कहा कि किसानों को जल्द राहत पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसान बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर अपनी मांगों को सरकार के सामने रख सकते हैं। कांग्रेस की ओर से उठाई गई मांगों में किसानों को 50 हजार रुपये मुआवजा, सूखा-अकाल घोषित करना और कृषि कर्ज माफी प्रमुख हैं। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इन मांगों पर क्या कदम उठाती है और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे कौन-से फैसले लिए जाते हैं।

ड्यूटी के दौरान ASI हरजीत सिंह की मौत, पंजाब सरकार ने परिवार के लिए 2 करोड़ रुपये की सहायता घोषित

अमृतसर/पंजाब। अमृतसर जिले में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सहायक पुलिस उप निरीक्षक (ASI) हरजीत सिंह को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री ने उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना को याद करते हुए कहा कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले पुलिसकर्मियों का योगदान हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए ASI हरजीत सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले ASI हरजीत सिंह के अदम्य साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। परिवार को 2 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता पंजाब सरकार ने दिवंगत ASI हरजीत सिंह के परिवार के लिए कुल 2 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अलावा सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बीमा लाभ भी प्रदान किया जाएगा। सरकार की इस घोषणा का उद्देश्य दिवंगत पुलिसकर्मी के परिवार को आर्थिक सहारा देना है। ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों को कई तरह की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में किसी जवान की मृत्यु होने पर उसके परिवार के सामने आर्थिक और भावनात्मक दोनों तरह की कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं। मुख्यमंत्री ने किया साहस को सलाम मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ASI हरजीत सिंह की सेवा को सम्मान देते हुए कहा कि उनका साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने पुलिस विभाग के उन कर्मचारियों के योगदान को भी रेखांकित किया, जो कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। कई बार उन्हें ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जहां उनकी अपनी सुरक्षा भी जोखिम में होती है। ASI हरजीत सिंह की ड्यूटी के दौरान हुई मौत इसी तरह की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पुलिस सेवा के महत्व को सामने लाती है। परिवार के प्रति सरकार ने जताई संवेदना पंजाब सरकार की ओर से घोषित आर्थिक सहायता को दिवंगत ASI के परिवार के लिए तत्काल आर्थिक सहयोग के तौर पर देखा जा रहा है। 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि और 1 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बीमा लाभ से परिवार को भविष्य की आर्थिक जरूरतों में मदद मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पुलिस विभाग और ASI हरजीत सिंह से जुड़े लोगों में भी शोक का माहौल है। पुलिस सेवा में रहते हुए जान गंवाने वाले कर्मचारियों के योगदान को सम्मान देना विभाग और सरकार की जिम्मेदारी का हिस्सा माना जाता है। कर्तव्य के दौरान बलिदान को किया याद ASI हरजीत सिंह के निधन के बाद एक बार फिर यह बात सामने आई है कि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभाते हुए किस तरह जोखिम उठाते हैं। कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिसकर्मी कई बार अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संदेश के माध्यम से दिवंगत ASI के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उनके परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की। सरकार की ओर से घोषित 2 करोड़ रुपये की सहायता को परिवार के प्रति प्रशासनिक सहयोग के रूप में प्रस्तुत किया गया है। पंजाब सरकार की घोषणा के अनुसार— 1 करोड़ रुपये अनुग्रह राशि के रूप में दिए जाएंगे। 1 करोड़ रुपये अतिरिक्त बीमा लाभ के रूप में दिए जाएंगे। कुल सहायता राशि 2 करोड़ रुपये होगी। ASI हरजीत सिंह के निधन से पुलिस विभाग ने अपने एक कर्मठ अधिकारी को खोया है। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान और कर्तव्य के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि दी। वहीं, सरकार की आर्थिक सहायता की घोषणा से दिवंगत पुलिसकर्मी के परिवार को मुश्किल समय में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

भलूनी धाम में 10 हजार दीपों से सजा जन्मोत्सव, रोशनी में लिखा गया ‘Happy Birthday PM Modi Ji’

दिनारा/रोहतास। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मोत्सव के अवसर पर रोहतास जिले के दिनारा विधानसभा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध भलूनी धाम में विशेष दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। धार्मिक आस्था और उत्साह से जुड़े इस आयोजन में करीब 10 हजार दीप जलाए गए। दीपों की आकर्षक सजावट ने पूरे धाम परिसर को रोशनी से भर दिया। कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अखिलेश कुमार के नेतृत्व में किया गया। दीपों को इस तरह सजाया गया कि परिसर में “Happy Birthday, Shri Narendra Modi Ji” संदेश उभरकर सामने आया। बड़ी संख्या में जलाए गए दीपों के कारण भलूनी धाम का वातावरण काफी आकर्षक नजर आया और कार्यक्रम में शामिल लोगों ने इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के दौरान भलूनी धाम में विशेष पूजा-अर्चना भी की गई। उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ जीवन, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों की भी भागीदारी रही। कार्यक्रम के दौरान अखिलेश कुमार ने आयोजन में पहुंचे कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का स्वागत किया तथा उनकी सहभागिता के लिए आभार जताया। पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन के बाद लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर तेनुअज मुखिया प्रतिनिधि अमित राय, मुन्ना सिंह, रिंकू सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष मुन्ना कुशवाहा, नटवार मंडल अध्यक्ष ब्रजेश सिंह, महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष आशा सिंह, दिनारा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रविकांत पांडेय, हरेराम ठाकुर, रितेश राय, गुड्डू सिंह, पूर्व प्रमुख मनोज सिंह, दीपक चौरसिया, ऊतम सिंह, भिखारी सिंह, महेंद्र पांडेय, अरविंद राय, संजय तिवारी, सौरभ सिंह, गोलू सिंह, रिंकू कुशवाहा, किरण पासवान, राजेंद्र पासवान, गुप्त पांडेय, पिंटू मिश्रा, विनय सिंह, सोनू सिंह और भोला सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। भलूनी धाम में दीपों से की गई भव्य सजावट और सामूहिक पूजा-अर्चना के साथ आयोजित यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव से जुड़ा स्थानीय आयोजन रहा

मुंबई में BCCI की 95वीं AGM, नए चेयरमैन समेत कई अहम प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

BCCI की 95वीं AGM आज, नए चेयरमैन से लेकर IPL गवर्निंग काउंसिल तक कई अहम फैसलों पर नजर मुंबई: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की 95वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) मुंबई स्थित बोर्ड मुख्यालय में आयोजित की जा रही है। इस बैठक में भारतीय क्रिकेट प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और फैसले होने की संभावना है। सबसे ज्यादा नजर बोर्ड के नए चेयरमैन के चुनाव पर रहेगी। AGM के दौरान BCCI के नए चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया को लेकर फैसला लिया जाएगा। इसके अलावा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की गवर्निंग काउंसिल में दो सदस्यों के चयन का मुद्दा भी बैठक के एजेंडे में शामिल है। IPL के संचालन और प्रशासन से जुड़े मामलों में गवर्निंग काउंसिल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, ऐसे में इन नियुक्तियों को लेकर भी क्रिकेट जगत की नजरें बनी हुई हैं। बैठक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से जुड़े एक अहम विषय पर भी विचार किया जाएगा। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) में भारत के प्रतिनिधि के नामांकन को लेकर चर्चा प्रस्तावित है। ICC में भारत की भूमिका को देखते हुए यह विषय BCCI की बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल माना जा रहा है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार आइलैंड्स क्रिकेट एसोसिएशन को एसोसिएट सदस्यता प्रदान करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होनी है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इससे क्षेत्र में क्रिकेट प्रशासन और खेल गतिविधियों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। BCCI की AGM को भारतीय क्रिकेट प्रशासन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है, क्योंकि इसमें बोर्ड के संगठनात्मक ढांचे, IPL प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लिए जाने हैं। बैठक में लिए जाने वाले फैसलों के बाद आने वाले समय में BCCI के प्रशासनिक कामकाज और क्रिकेट से जुड़े विभिन्न मामलों की दिशा पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल क्रिकेट प्रशंसकों और खेल जगत की निगाहें AGM पर टिकी हैं। बैठक के दौरान होने वाले निर्णयों और आधिकारिक घोषणाओं के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।